अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के तौर पर जो बाइडन ने शपथ ले ली। अब दुनिया की उम्मीद भरी निगाहें उनकी ओर टिक गई।

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नए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से दुनिया के अन्य देशों की तरह यूरोपीय संघ की बड़ी उम्मीदें हैं।
यूरोपीय संघ के नेता इस आशा के बीच बंटे हैं कि ट्रांस-अटलांटिक संबंध बहाल होंगे और अमेरिका
के साथ संबंध सामान्य हो जाएंगे। यूरोपीय संसद के अध्यक्ष डेविड सासोली ( David Sassoli) ने
जो बाइडन व कमला हैरिस को उनके इनॉगरेशन पर शुभकामनाएं दी और  EU के अगले संसदीय
सत्र में बोलने के लिए आमंत्रित किया।

सासोली ने कहा, ‘राष्ट्रपति बाइडन व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को शुभकामनाएं ! नया अमेरिकी
प्रशासन ट्रांस अटलांटिक संबंधों के नए युग की शुरुआत कर रहा है। दुनिया को यूरोप और अमेरिका
के बीच मजबूत संबंध की जरूरत है… हम राष्ट्रपति बाइडन से मिलने को तत्पर हैं और उन्हें यूरोपीय
संसद के सत्र को संबोधित करने के लिए आमंत्रित करते हैं।’

सासोली ने बाइडन के फैसले का स्वागत भी किया जिसमें विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) व  पेरिस के
जलवायु परिवर्तन समझौते में अमेरिका की वापसी की बात बाइडन ने कही। बुधवार को डेमोक्रेट बाइडन
ने अमेरिका के राष्ट्रपति के  पद की शपथ ली।