इस वक्त कोरोना महामारी से दुनिया के सभी देश परेशान हैं। आइए जानते हैं कि आमतौर पर कैसे एक वैक्सीन हमें प्रतिरक्षा देती है।

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कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए वैक्सीन सबसे बड़ी उम्मीद है। वैक्सीन की दो खुराक के
बाद आप इस महामारी से खुद को सुरक्षित महसूस कर सकते हैं। कोविड-19 वैक्सीन के अलावा
दुनिया में कई रोगों से लड़ने के लिए अलग-अलग वैक्सीन हैं। आइए जानने की कोशिश करते हैं कि
कैसे एक वैक्सीन आपको कई बीमारियों से बचाने में मदद करती है।

प्राथमिक रूप से वैक्सीन आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली पर काम करती है, जिससे एक निश्चित बीमारी के
हमले को रोका जा सके। हमारे पास ऐसी वैक्सीन है जो कि वायरल और बैक्टीरियल रोगाणुओं से लड़
सके। जब रोगाणु आपके शरीर में प्रवेश करता है तो एंटीबॉडीज का इस पर हमला होता है। यह प्रतिरक्षा
प्रतिक्रिया की क्षमता पर निर्भर करता है। जब आप कोई वैक्सीन लगवाते हैं तो रोगाणुओं के नए प्रकार
आपको बीमार करने जितने शक्तिशाली नहीं होते हैं, लेकिन वैक्सीन प्रतिरक्षा प्रणाली को रोगाणुओं के
प्रति एंटीबॉडी उत्पन्न करने के लिए पर्याप्त है। इसका परिणाम यह होता है कि आप बीमार हुए बिना
बीमारी के खिलाफ भविष्य की प्रतिरक्षा प्राप्त करते हैं। यदि आप फिर से रोगाणुओं के संपर्क में हैं, तो
आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली इसे पहचान लेगी और इससे लड़ने में सक्षम होगी।

कुछ मामलों में प्राकृतिक प्रतिरक्षा वैक्सीन से प्राप्त होने वाली प्रतिरक्षा के मुकाबले लंबे समय तक चलती
है। हालांकि प्राकृतिक संक्रमण का जोखिम वैक्सीन लगाने से होने वाले जोखिम से ज्यादा होता है। उदाहरण
के लिए, चेचक के संक्रमण में एक हजार संक्रमित व्यक्तियों में से एक को मस्तिष्क की बीमारी हो जाती है।
वहीं चेचक के संक्रमण के कारण प्रत्येक एक हजार संक्रमित व्यक्तियों में से दो की मौत हो जाती है। इसके
विपरीत, एमएमआर (खसरा, कंठमाला और रूबेला) वैक्सीन के संयोजन से चेचक के संक्रमण को रोकने के
लिए लगाए गए हर दस लाख में से सिर्फ एक व्यक्ति को एलर्जी होती है। वैक्सीन से प्राप्त होने वाली प्रतिरक्षा
के लाभ प्राकृतिक संक्रमण के गंभीर जोखिमों को असाधारण रूप से कम कर देते हैं। इसके अतिरिक्त
हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप बी और टिटनस की वैक्सीन वास्तव में प्राकृतिक संक्रमण से अधिक प्रभावी
प्रतिरक्षा प्रदान करते हैं।