कोरोना महामारी के खिलाफ भारत दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चला रहा है।

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देश में राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान शुरू होने और कोरोना वायरस के सक्रिय मामलों की संख्या में गिरावट के
साथ, सरकार ने धीरे-धीरे स्कूलों को फिर से खोलने की अनुमति देने का फैसला किया है। इसके तहत कई चरणों
में स्कूलों को खलने की अनुमति दी जा रही है। सबसे पहले 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों को स्कूल में एंट्री मिल
रही है। इसके बाद फिर जूनियर कक्षाओं के छात्रों को भी स्कूल आने की इजाजत मिलेगी।

स्कूल खुलने के साथ ही यह बेहद जरूरी हो गया है कि कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए पहले की तरह गंभीरता
से कदम उठाए जाएं। देश में कोरोना के मामलों की संख्या कम जरूर हो रही है, वायरस की रफ्तार भी सुस्त हो
गई है, लेकिन यह अभी पूरी तरह से ख्तम नहीं हुआ है। हमें इसके प्रसार को रोकने के लिए सभी संभव उपाय
करने होंगे।

– बच्चों पर कोरोना संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा है। ऐसे में स्कूल अधिकारियों, शिक्षकों, छात्रों के माता-पिता
और स्वयं छात्रों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

स्कूलों और अभिभावकों द्वारा छात्रों को शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करना, मास्क पहनना, बार-बार हाथों
को धोने जैसे बुनियादी बातों को सिखाया जाना चाहिए।

– सरकार द्वारा छात्रों को स्कूलों में जाने की अनुमति के बीच बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए
स्कूलों को भी कुछ बदलाव लाने होंगे। स्कूलों को ऑनलाइन और ऑफलाइन क्लास के बीच तालमेल बिठाकर
चलना होगा।