चीन में चिकन प्रोसेसिंग प्लांट(Chicken Processing Plant) के अंदर कोरोना वायरस का क्लस्टर पाया गया है।

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चीन में चिकन प्लांट के अंदर कोरोना वायरस का क्लस्टर पाया गया है। चीन ने चिकन प्रोसेसिंग संयंत्र
(chicken Processing plant) में काम करने वाले मजदूरों में कोरोना वायरस के पहले समूह मामलों
की सूचना दी है। इस खबर के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई है। स्थानीय उपभोक्ताओं
में डर का माहौल है जो अब तक मुख्य रूप से आयातित खाद्य पदार्थों की सुरक्षा को लेकर ही चिंतित थे।

पूर्वोत्तर के शहर हार्बिन में स्थित इस चिकन चिकन प्रोसेसिंग प्लांट में कोरोना वायरस के एक साथ दस नए
मामलों की पुष्टि की गई है। इस चिकन प्लांट में एक साल में 5 करोड़ चिकन को तैयार किया जाता है। यह
चिकन प्लांट दुनिया के शीर्ष पोल्ट्री उत्पादकों में से एक थाई कॉनग्लोमरेट चारोन पोकफंड के स्वामित्व में है।

चीनी अधिकारियों ने गुरुवार को एक समाचार ब्रीफिंग को बताया कि चिकन प्लांट में कोरोना वायरस का
क्लस्टर पाए जाने के बाद वहां करने वाले 28 अन्य मजदूरों और तीन परिवार के लोगों की भी जांच की
गई है जिनमें अब तक कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं।

बता दें कि चीन ने पिछले साल कोरोना वायरस की उत्पत्ति के रूप में आयातित फ्रोजन मांस और मछली
को दोषी बताया था। लेकिन चीन के अंदर अब तक किसी खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में कोरोना वायरस के क्लस्टर
के सूचना नहीं पाई गई थी। अब चीन के अंदर आए इस मामले से चीन की पोल खुल गई है।

इससे पहले चीन में दो महीने पहले फ्रोजन फूड प्रोडक्ट्स पर कोरोना वायरस मिलने का मामला सामने
आया था।चीन में ब्राजील से आए फ्रोजन बीफ मीट और सऊदी अरब से आए फ्रोजन झींगे के पैकेट पर
जिंदा कोरोना वायरस मिला था। हालांकि, चीन ने इसका दोष दूसरे देशों पर मढ़ दिया था। उसने कहा
था कि दूसरे देशों से आयातित फ्रोजन मीट में कोरोना वायरस पाया गया है।