टीम इंडिया में जगह बनाने के लिए अब 2 किलोमीटर की रेस इतनी देर में करनी होगी तय

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टीम इंडिया में जगह बनाने के लिए अब 2 किलोमीटर की रेस इतनी देर में करनी होगी तय

भारतीय टीम में जगह बनाना किसी भी खिलाड़ी के आसान नहीं है। अब टीम इंडिया में जगह बनाने के लिए अच्छे प्रदर्शन के साथ-साथ फिटनेस का स्तर भी विश्वस्तरीय होना चाहिए और इसके लिए
खिलाड़ियों को यो-यो टेस्ट भी पास करना होता है। भारतीय खिलाड़ियों की फिटनेस का असर अब उनकी खेल पर साफ तौर से दिखता है,

लेकिन ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टेस्ट सीरीज के दौरान कई खिलाड़ियों का इंजर्ड होना फिटनेस पर
कुछ सवाल खड़े कर गया। अब भारतीय खिलाड़ियों के फिटनेस के स्तर को और बढ़ाने के लिए बीसीसीआइ एक

नया टेस्ट इंट्रोड्यूस किया है। इसका नाम है ‘टाइम ट्रायल टेस्ट’। टीम इंडिया में जगह बनाने के
लिए अब यो-यो के साथ साथ इस टेस्ट को भी पास करना खिलाड़ियों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है।

टाइम ट्रायल टेस्ट के जरिए पता किया जाएगा कि, खिलाड़ियों की स्पीड कितनी है साथ
ही साथ इससे उनकी सहनशीलता की भी परीक्षा होगी। इस टेस्ट के अंतर्गत खिलाड़ियों को 2 किलोमीटर की दौड़ लगानी होगी।
द इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक बल्लेबाज, विकेटकीपर व

स्पिन गेंदबाजों को ये दूरी 8 मिनट 30 सेकेंड में पूरी करनी होगी जबकि तेज
गेंदबाजों को ये दूरी 8 मिनट 15 सेकेंड में पूरी करनी होगी। 2 किलोमीटर की दूरी
तय करने के लिए तेज गेंदबाजों को 15 सेकेंड का समय कम दिया गया है।

इस टेस्ट के आने के बाद यो-यो टेस्ट खत्म नहीं किया जाएगा बल्कि अब भारतीय टीम में जगह
बनाने वाले खिलाड़ियों को दोनों ही टेस्ट पास करने होंगे। बीसीसीआइ के एक अधिकारी ने बताया कि,
बोर्ड को ऐसा लगता है

कि फिटनेस के स्तर को दूसरे लेवल तक ले जाने में फिटनेस स्टैंडर्ड ने अहम भूमिका निभाई है
और समय की ये मांग है कि अच्छे प्रदर्शन के लिए फिटनेस के स्तर को और आगे तक ले जाया जाए।
टाइम ट्रायल टेस्ट के जरिए हम और बेहतर बनेंगे साथ ही बोर्ड हर साल इस
स्टैंडर्ड को और आगे बढ़ाता रहेगा।

बीसीसीआइ अध्यक्ष सौरव गांगुली व सचिव जय शाह से हरी झंडी मिलने के बाद सभी अनुबंधित खिलाड़ियों को इस नियम की जानकारी दे दी गई है। ये टेस्ट फरवरी, जून और अगस्त व सितंबर में आयोजित किया जाएगा।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को फिलहाल फरवरी में
होने वाले इस टेस्ट में छूट दी गई है, लेकिन सिमित ओवर के लिए टीम में चुने गए
खिलाड़ियों को इस टेस्ट में पास होना जरूरी होगा।