भारत की उत्तरी सीमा पर चीन ने की 60 हजार सैनिकों की तैनाती, अमेरिका का दावा ….

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भारत की उत्तरी सीमा पर चीन ने की 60 हजार सैनिकों की तैनाती, अमेरिका का दावा ....

भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा(एलएसी) पर गतिरोध जारी है। 12 अक्टूबर को भारत और
चीन के कोर कमांडरों की बैठक होने वाली है। जिसमें पूर्वी लद्दाख के सभी टकराव वाले बिंदुओं से सैनिकों
को हटाने की रुपरेखा तय करने के एजेंडे पर बातचीत होनी है। यह भारत और चीन के बीच सातवें दौर की
कोर कमांडर स्तर की बातचीत होगी। चीन के अड़ियल रुख की वजह से सीमा र गतिरोध जारी है।

इस बीच अमेरिका ने चीन को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उसने चीन पर एक बार फिर करारा हमला
बोला है। अमेरिका ने कहा है कि भारत-चीन सीमा पर गतिरोध के बीच चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा
(LAC) पर 60,000 से ज्यादा सैनिकों को जमा कर रखा है। उन्होंने चीन के इस बुरे रवैये और क्वाड
देशों के लिए चेतावनी खड़ी करने को लेकर उस पर निशाना साधा है।

टोक्यो बैठक में क्वाड समूह के देशों की बैठक में हिस्सा लेकर लौटे अमेरिका के विदेश मंत्री माइक
पोम्पिओ ने शुक्रवार को एक इंटरव्यू में कहा कि भारत अपनी उत्तरी सीमा पर 60,000 चीनी सैनिकों
की मौजूदगी देख रहा है।

पूर्वी लद्दाख में चीन के अड़ियल रवैये के चलते गतिरोध अब तक बरकरार है। दोनों देशों के सैनिक
सीमा पर डटे हुए हैं। इस बीच, भारत और चीन के बीच सोमवार को होने वाली कोर कमांडर की
बैठक से पहले चाइना स्टडी ग्रुप (सीएसजी) की बैठक हुई। इसमें पूर्वी लद्दाख के मौजूदा हालात की
समीक्षा करने के साथ ही कोर कमांडरों की बैठक में भारत की तरफ से उठाए जाने वाले मुख्य मुद्दों
पर चर्चा हुई। सीएसजी में विदेश मंत्री एस जयशंकर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार
अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और सेना के तीनों अंगों के प्रमुख
शामिल हैं। सोमवार को होने वाली कोर कमांडर की बैठक में भारतीय दल का नेतृत्व लेह स्थित
14वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह करेंगे।