हनुमा विहारी ने किया खुलासा..

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हनुमा विहारी ने किया खुलासा

Ind vs Aus: भारतीय टेस्ट टीम के बल्लेबाज हनुमा विहारी ने सिडनी टेस्ट मैच के दो दिन बाद
एक बड़ा खुलासा किया है। हनुमा विहारी ने कहा है कि सिडनी टेस्ट मैच में आर अश्विन ने बड़े भाई
की तरह उनका मार्गदर्शन किया था। इन दोनों बल्लेबाजों की टिकाऊ पारियों के दम पर
भारत तीसरा टेस्ट मैच ड्रॉ कराने में सफल रहा था। दोनों बल्लेबाजों ने ज्यादा रन तो नहीं बनाए थे,
लेकिन दोनों ने अपना विकेट नहीं गंवाया था।

दाएं हाथ के बल्लेबाज हनुमा विहारी ने बीसीसीआइ डॉट टीवी से बात करते हुए कहा, “आखिरी ओवर में बल्लेबाजी करना शानदार अनुभव रहा। यह ऐसी चीज थी जिसके बारे में आप सिर्फ सपने में सोच सकते थे।
टेस्ट मैच के पांचवें दिन बल्लेबाजी, सीरीज 1-1 से ड्रॉ। अगर आप टीम के लिए कर सकते हैं,
तो यह एक ऐसी चीज है
जो धीरे-धीरे आपको शांति देती है और फिर आपको पता चलता है कि यह कितना बड़ा प्रयास था।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं मैच को ड्रॉ कराने से बेहद खुश हूं। एक बड़े भाई(आर अश्विन ने) की तरह वह मुझसे जब भी उन्हें महसूस होता कि मैं थोड़ा निराश सा हो रहा हूं तो वह बात कर रहे थे। वह मुझसे कह रहे थे कि सिर्फ एक बार में एक गेंद पर फोकस करो। इसे जितना देर तक ले जा सकते हो लेकर जाओ, एक गेंद एक बार में.. यह बेहद खास था।”

अश्विन ने 128 गेंदों पर 39 रनों की पारी खेली थी। सिडनी टेस्ट मैच के पांचवें दिन बल्लेबाजी के
समय उनकी पीठ में भी दर्द हो रहा था। इस बात का खुलासा बाद में उनकी पत्नी ने भी किया। वहीं,
हनुमा विहारी ने ये भी कहा कि अगर चेतेश्वर पुजारा आखिर तक बल्लेबाजी कर रहे होते तो
भारतीय टीम मैच जीत सकती थी।
विहारी ने कहा, “उस मैच को ड्रॉ कराना हमारे लिए शानदार परिणाम रहा। मुझे लगा था कि मैं चोटिल नहीं हूं
और पुजारा यहां हैं तो परिणाम हमारे पक्ष में होगा और यह एक शानदार जीत होगी”

पुजारा ने 205 गेंदों का सामना करते हुए 77 रनों की पारी खेली थी। उनके आउट होने के बाद ही
हनुमा विहारी और आर अश्विन के बीच गेंद खेलने के लिहाज से एक लंबी और अटूट साझेदारी हुई।
इसी के दम पर भारत ने मैच ड्रॉ कराने में सफलता हासिल की। चार मैचों की टेस्ट सीरीज
इस समय 1-1 से बराबरी पर है।
सीरीज का आखिरी मैच 15 जनवरी से ब्रिसबेन के गाबा में खेला जाएगा। इस मैच में हनुमा
विहारी नहीं खेल पाएंगे।