Budget 2021: अब तक के सबसे बड़े विनिवेश लक्ष्य की तैयारी..

0
1
Budget 2021: अब तक के सबसे बड़े विनिवेश लक्ष्य की तैयारी

कोरोना महामारी के कारण आर्थिक संकट से जूझ रही सरकार आगामी बजट में अब तक का सबसे बड़ा विनिवेश लक्ष्य रख सकती है। आगामी वित्त वर्ष के लिए विनिवेश का लक्ष्य तीन लाख करोड़ रुपये तक का हो सकता है।

चालू वित्त वर्ष 2020-21 के लिए सरकार ने 2.1 लाख करोड़ रुपए का विनिवेश लक्ष्य रखा था लेकिन अब तक लक्ष्य का छह फीसद ही हासिल किया जा सका है।

वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक अगले वित्त वर्ष में सरकारी खर्च और प्राप्ति में होने वाले बड़े अंतर को कम रखने के लिए विनिवेश एक कारगर उपाय हो सकता है। कोरोना के कारण चालू वित्त वर्ष में सरकार ने कई कंपनियों के विनिवेश में इसलिए भी जल्दबाजी नहीं दिखाई, क्योंकि इससे अच्छी कीमत नहीं मिल पाने का अंदेशा था।

अगले वित्त वर्ष में वैश्विक अर्थव्यवस्था में तेजी की उम्मीद है और इस अवधि में ही
चालू वित्त वर्ष के लिए निर्धारित विनिवेश कार्यक्रम को भी अंजाम दिया जाएगा।

गत जुलाई में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 23 केंद्रीय सार्वजनिक कंपनियों (पीएसयू) में
से सरकारी हिस्सेदारी बेचने की घोषणा की थी

और यह काम भी आगामी वित्त वर्ष में पूरा किए जाने की उम्मीद है।
इनमें से सभी में सरकारी हिस्सेदारी की बिक्री को केंद्रीय कैबिनेट से भी मंजूरी मिल चुकी है।

कोरोना महामारी के कारण आर्थिक संकट से जूझ रही सरकार आगामी बजट में अब तक का सबसे बड़ा विनिवेश लक्ष्य रख सकती है।
आगामी वित्त वर्ष के लिए विनिवेश का लक्ष्य तीन लाख करोड़ रुपये तक का हो सकता है।

चालू वित्त वर्ष 2020-21 के लिए सरकार ने 2.1 लाख करोड़ रुपए का
विनिवेश लक्ष्य रखा था लेकिन अब तक लक्ष्य का छह फीसद ही हासिल किया जा सका है।

वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक अगले वित्त वर्ष में सरकारी खर्च और प्राप्ति में
होने वाले बड़े अंतर को कम रखने के लिए विनिवेश एक कारगर उपाय हो सकता है।

कोरोना के कारण चालू वित्त वर्ष में सरकार ने कई कंपनियों के विनिवेश में इसलिए भी
जल्दबाजी नहीं दिखाई, क्योंकि इससे अच्छी कीमत नहीं मिल पाने का अंदेशा था।

अगले वित्त वर्ष में वैश्विक अर्थव्यवस्था में तेजी की उम्मीद है और इस अवधि में ही
चालू वित्त वर्ष के लिए निर्धारित विनिवेश कार्यक्रम को भी अंजाम दिया जाएगा।

गत जुलाई में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 23 केंद्रीय सार्वजनिक कंपनियों (पीएसयू) में से
सरकारी हिस्सेदारी बेचने की घोषणा की थी और यह काम भी आगामी वित्त
वर्ष में पूरा किए जाने की उम्मीद है।
इनमें से सभी में सरकारी हिस्सेदारी की बिक्री को केंद्रीय कैबिनेट से भी मंजूरी मिल चुकी है।

बीडीएल (ओएफएस):  771.46 करोड़

एचएएल (ओएफएस):  4924.23 करोड़

एमडीएल (आईपीओ):  442.79 करोड़

आईआरसीटीसी (ओएफएस):  4473.16 करोड़

आईआरसीटीसी इंप्लाई ओएफएस:  0.76 करोड़