Budget 2021: पेट्रोलियम सब्सिडी में भारी कमी तय..

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Budget 2021: पेट्रोलियम सब्सिडी में भारी कमी तय

राजस्व संतुलन के मोर्चे पर कई चुनौतियों से जूझ रहीं वित्त मंत्री इस बात पर राहत की सांस ले सकती हैं कि कम से कम पेट्रोलियम सब्सिडी का बोझ उन्हें अगले वित्त वर्ष में नहीं उठाना पड़ेगा।

कोरोना काल में पेट्रोलियम सब्सिडी का हिसाब-किताब इस तरह से बना है
कि चालू वित्त वर्ष के लिए आवंटित राशि में से बड़ा हिस्सा बच जाने वाला है।

चालू वित्त वर्ष के लिए पिछले वर्ष फरवरी में पेश किए गए आम बजट में पेट्रोलियम सब्सिडी के तौर पर 40,915 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया था। लेकिन शुरुआती दो तिमाहियों में पेट्रोलियम

सब्सिडी के तौर पर सिर्फ 1,314 करोड़ रुपये की सब्सिडी सरकारी खजाने से गई है।
ऐसे में उम्मीद है कि इस बार वित्त मंत्री पेट्रोलियम सब्सिडी के तौर पर बहुत ही कम राशि का प्रविधान करेंगी।

चालू वित्त वर्ष के लिए किया गया प्रावधान पिछले वित्त वर्ष के लिए इस मद में आवंटित राशि से छह फीसद ज्यादा राशि थी। हर वर्ष इस मद में जितना प्रविधान होता रहा है, वास्तविक राशि उससे ज्यादा ही रहती थी।

इस साल यह पहला मौका है जब वास्तविक तौर पर देय पेट्रोलियम सब्सिडी बजटीय आवंटन से बेहद कम है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतों में हुई भारी गिरावट के बाद सितंबर, 2020 में सब्सिडी
वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर और बगैर सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत के लगभग बराबर हो गया था।

इसकी वजह से घरेलू एलपीजी को सब्सिडी जारी रखने की जरूरत ही नहीं रही।
आम बजट में एलपीजी सब्सिडी के लिए ही 37,256 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था।
संभवत: इसके लिए कोरोना काल और इस दौरान सरकार के खजाने की वित्तीय स्थिति भी रही।

आज की तारीख में कुछ शहरों में एलपीजी सब्सिडी पूरी तरह से खत्म कर दी गई है।
जबकि कुछ शहरों में जनवरी, 2021 में ग्राहकों को 15 रुपये से 20 रुपये
प्रति सिलेंडर की सब्सिडी दी गई है।

ग्रामीण और दुर्गम स्थानों के लिए सब्सिडी ज्यादा होती है।