अब प्लेटफॉर्म टिकट से भी कर सकेंगे रेल यात्रा, लंबी लाइन में लगने की झंझट हुई खत्म …

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रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर पर लंबी लाइन लगी हो, ट्रेन का टाइम हो गया हो और आपके पास

टिकट नहीं हो, तो या तो यात्रा कैंसिल करनी पड़ जाती है या फिर बिना टिकट के ही ट्रेन में चढ़ना

पड़ जाता है। किसी भी व्यक्ति के लिए ये स्थितियां हमेशा परेशान करने वाली होती हैं, लेकिन अब

आपको इस परेशानी से नहीं गुजरना होगा।

भारतीय रेलवे के नए नियम के अनुसार इमरजेंसी की स्थिति में अब आप प्लेटफॉर्म टिकट से भी यात्रा

कर सकते हैं। प्लेटफॉर्म टिकट से यात्रा करने के लिए आपको गार्ड के अनुमति पत्र की भी आवश्यकता

होगी। यदि आपके पास इसका समय नहीं है, तो आप सीधे ट्रेन में चढ़कर वहां नियमानुसार जरूरी

प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। रेलवे द्वारा जारी की गई सूचना के अनुसार, अनुमति सर्टिफिकेट ऑन ड्यूटी

गार्ड, कंडक्टर या दूसरी श्रेणियों का स्टॉफ दे सकते हैं।

प्लेटफॉर्म टिकट से यात्रा कर रहे यात्री को ट्रेन में चढ़ने के बाद जितना हो सके, उतना जल्दी टीटीई को

इसके बारे में जानकारी देनी होगी। टीटीई अब आपको यात्रा का टिकट बनाकर दे देगा। इसके लिए

आपको यात्रा के वास्तविक किराये के साथ 250 रुपये पेनल्टी के रूप में देने होंगे। आप जिस श्रेणी में

सफर कर रहे हैं, किराया उसी श्रेणी का होगा। वहीं, जिस स्टेशन से आप चढ़े हो उसे बोर्डिंग स्टेशन

माना जाएगा। यह टिकट यात्री को यात्रा की अनुमति तो देगा, लेकिन सीट के आरक्षण की गारंटी नहीं

देगा। अर्थात आपको सीट ना मिलने की जिम्मेदारी रेलवे की नहीं होगी।

अगर कोई रेलवे को धोखा देकर अपने पैसे बचाने के लिए प्लेटफॉर्म टिकट से यात्रा करता है, तो उसे

जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। यदी टीटीई यह पाता है कि यात्री जानबूझकर प्लेटफॉर्म टिकट से

यात्रा कर रहा है और उसने प्लेटफॉर्म टिकट को यात्रा टिकट में नहीं बदलवाया है, तो उस पर 1,260

रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। मामला बढ़ने पर यात्री को 6 साल तक की सजा भी हो सकती है

या जुर्माना और सजा दोनों हो सकती है।