अमेरिकाः स्कूल फायरिंग में जान बचाने वाली युवती ने की खुदकुशी

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स्कूल में हुई फायरिंग में अपनी जान बचाने वाली सिडनी के परिजनों और दोस्तों के अनुसार उसने पिछले हफ्ते खुदकुशी कर ली. पिछले साल जिस मारर्जरी स्टोनमेन डगलस हाईस्कूल में फायरिंग में 17 छात्र और स्कूल स्टॉफ मारे गए थे, सिडनी ऐइलो उस स्कूल की सीनियर छात्र थी. इस फायरिंग में उसका दोस्त मेडी पोलाक भी मारी गई थी.

पिछले साल फरवरी में अमेरिका के मारर्जरी स्टोनमेन डगलस हाईस्कूल में हुई फायरिंग में अपनी जान बचाने वाली 19 साल की सिडनी ऐइलो ने खुदकुशी कर ली है. अमेरिका में फ्लोरिडा के इस हाईस्कूल में हुई वीभत्स गोलीबारी की घटना में 17 लोग मारे गए थे. स्कूल में फायरिंग करने वाला बंदूकधारी हमलावर पूर्व छात्र था, जिसे स्कूल प्रबंधन ने निकाल दिया था और वह महज 19 साल का था.

इस फायरिंग में अपनी जान बचाने वाली सिडनी के परिजनों और दोस्तों के अनुसार उसने पिछले हफ्ते खुदकुशी कर ली. पिछले साल जिस मारर्जरी स्टोनमेन डगलस हाईस्कूल में फायरिंग में 17 छात्र और स्कूल स्टॉफ मारे गए थे, सिडनी ऐइलो उस स्कूल की सीनियर छात्र थी. इस फायरिंग में उसका दोस्त मेडी पोलाक भी मारी गई थी.

मेडी पोलाक के भाई हंटर पोलाक ने ट्वीट करते हुए लिखा,

‘खूबसूरत सिडनी जिसका भविष्य बेहद शानदार था, वो बड़ी जल्दी हमसे दूर चली गई है.

 

यह बेहद दुखद है कि आज पार्कलैंड में एक और बेहद खूबसूरत और युवा को दफनाया जाएगा.

 

 

हमारे समाज के लिए एक और दुखद दिन.’

द ब्रोवर्ड काउंटी मेडिकल एक्जामनर ऑफिस के अनुसार सिडनी ऐइलो की मौत सिर में गोली लगने से हुई.

सिडनी ऐइलो की मां कारा ने स्थानीय मीडिया को बताया कि उनकी बेटी उस समय स्कूल में थी

जिस समय 19 साल के एक छात्र ने फायरिंग की थी.

वह उस सदमे से उबर नहीं सकी थी और उसका उस हादसे के तनाव से उबारने के

लिए इलाज चल रहा था और हाल ही में तनाव दूर करने के लिए इलाज कराया गया था.

मीडिया के अनुसार, कारा का कहना था कि सिडनी ऐइलो को कॉलेज में क्लास करने

में खासा संघर्ष करना पड़ता था क्योंकि उसे हमेशा यह डर बना रहता था

कि उसके क्लासरूम में फिर से हादसा हो सकता है.

वह अक्सर दुखी रहती थी, लेकिन उसने खुदकुशी करने से पहले उसने कभी भी किसी की कोई मदद नहीं मांगी थी.

सिडनी ऐइलो के अंतिम संस्कार के लिए राशि जुटाने वास्ते बनाए गए पेज गोफंडमी में उसके बारे में कहा गया है कि वह एक उत्साही लड़की थी, वह योग करती थी.

ऐइलो के फेसबुक पेज फायरिंग के बाद एक तरह से मेमोरियल पेज बन गया था.

वह अपने दोस्तों के साथ फोटो पोस्ट करती थी.

मार्च 2018 में गन कंट्रोल पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा भी लिया था,

जिसमें उस स्कूल के कई छात्रों ने हिस्सा लिया था.

पिछले साल सितंबर में उसने ऐलान किया था, कि उसने योग सिखाना शुरू कर दिया है.

मेडी पोलाक के पिता एंड्रयू पोलाक ने स्थानीय मीडिया से कहा कि जो हुआ वो बेहद खतरनाक है. खुद को मारना जवाब नहीं है. कोई किसी के दर्द को समझ नहीं सकता, अगर कोई छात्र अपने कठिन दौर से गुजर रहा है, तो वह मुझसे ट्वीटर पर मिल सकता है. मैं आपको समझता हूं, आप अकेले नहीं हो.

पिछले साल फरवरी में अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित पार्कलैंड के मार्जरी स्टोनमैन

डगलस हाईस्कूल में फायरिंग की घटना हुई. आरोपी छात्र निकोलस क्रूज (19)

ने पहले स्कूल का फायर अलार्म बजाया, जिससे स्कूल में अफरा-तफरी मच गई.

इसके बाद भागदौड़ के बीच आरोपी छात्र ने एआर-15 राइफल से फायरिंग

शुरू कर दीर 17 लोगों की जान चली गई.