अमेरिका ने ईरान के साथ परमाणु समझौते पर दोबारा लौटने के लिए अमेरिका ने वार्ता करने की फिर इच्छा जताई है।

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अमेरिका ने ईरान के साथ परमाणु समझौते पर दोबारा लौटने के लिए अमेरिका ने वार्ता करने की फिर इच्छा
जताई है। सोमवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि अमेरिका समझौते से जुड़े ब्रिटेन, फ्रांस,
चीन, रूस और जर्मनी के साथ फिर पुराने समझौते पर लौटने को तैयार है। उन्होंने पूर्व में ईरान के यूरेनियम
संव‌र्द्धन को 60 फीसदी बढ़ाने के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त की कि वे बातों को नहीं वार्ता के मुद्दों पर ध्यान
देंगे। ईरान ने अतिरिक्त प्रोटोकॉल के अलावा आइएईए को सामान्य निरीक्षण की अगले तीन माह तक की
अनुमति दी है। इस बीच सभी मुद्दों पर वार्ता चलती रहेगी।

अमेरिका और ईरान दोनों ही देशों में समझौते को लेकर अलग-अलग विचार हैं। अमेरिका में माना जा रहा है
कि समझौते के लिए हाथ बढ़ाने के लिए जिस तरह से पहल की गई, उसमें प्रतिबंधों को पहले हटाने की जिद
ने रास्ता मुश्किल किया है। इसी तरह से ईरान में सरकारी अखबार डेली ईरान ने चेताया है कि कट्टरवादी सोच
से इस बात की आशंका हो सकती है कि ईरान इस मुद्दे पर अलग-थलग पड़ सकता है। उल्लेखनीय है कि
कट्टरवादी सोच रखने वाले ईरान में आइएईए के सामान्य निरीक्षण का भी विरोध कर रहे हैं।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में 2018 के बाद ईरान से संबंध बुरी तरह बिगड़ गए, जब
उन्होंने 2015 के परमाणु समझौते से अपने देश को अलग कर लिया था और एक के बाद एक कई आर्थिक
प्रतिबंध लगा दिए। अब अमेरिका के जो बाइडन प्रशासन ने समझौते पर वापस लौटने की घोषणा की है। इधर
ईरान ने संसद में कानून पारित कर चेतावनी दी थी कि कि 23 फरवरी तक यदि आर्थिक प्रतिबंध नहीं हटाए
गए तो अतिरिक्त प्रोटोकॉल समाप्त कर दिया जाएगा। इस पर आधी रात के बाद अमल शुरू हो गया है।