अयोध्या में जो राम मंदिर बनने वाला है उस कार्य को कोई नहीं रोक सकता, वो होकर ही रहेगा कहा:- योगी आदित्यनाथ

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लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज कहा कि 2019 का लोकसभा चुनाव प्रधानमंत्री मोदी की उपलब्धियों पर होगा, जिसमें राष्ट्रीय मुद्दे हावी रहेंगे. उन्होंने राम मंदिर के सवाल पर कहा कि जो कार्य होना है वह होकर ही रहेगा उसे कोई टाल नहीं सकता है, नियति ने जो तय किया है वह होकर रहेगा. सीएम योगी नेत एक कार्यक्रम में सपा-बसपा के गठबंधन पर भी निशाना साधा.

उन्होंने कहा, ”प्रदेश में गठबंधन इसलिए हो रहा है क्योंकि वे भारतीय जनता पार्टी से भयभीत हैं, वे भारत के विकास से भयभीत हैं, राजनीतिक स्थिरता से भयभीत हैं. यह देश की पहली सरकार है जिसने सत्ता का केंद्र बिंदु गांव, किसान, मजदूर और महिलाओं को बनाया है. यह बौखलाहट है जिसमें कहा जा रहा है कि मिलकर चुनाव लड़ेंगे लेकिन नेता का नाम नहीं बता रहे हैं क्योंकि उनके पास कोई नेता ही नहीं है.”

मॉब लिंचिंग के सवाल पर उन्होंने कहा कि हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं है. कानून को हाथ में लेने अधिकार किसी को नहीं है. प्रदेश में बेरोजगारों के सवाल पर उन्होंने क

हा कि उत्तर प्रदेश में नौकरियों की कमी नहीं है. हमारी सरकार 1,37,000 शिक्षकों की भर्ती करेगी. पुलिस में भी डेढ़ लाख से अधिक भर्तियां करनी है, इसकी प्रक्रिया जारी है. प्रदेश में हाल ही में इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया था जिसके माध्यम से भी लाखों रोजगार के अवसर मिलेंगे. उन्होंने कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों की 50 साल की उम्र में स्क्रीनिंग करने जा रहे हैं. जो अच्छा काम करेंगे वे आगे जाएंगे, जो काम नहीं करेंगे उन्हें घर भेजा जाएगा.

प्रदेश में पुलिस द्वारा किये जा रहे एनकाउंटरों के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि कोई भी फर्जी एनकाउंटर न हो, वरना उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. अयोध्या में राम मंदिर के सवाल पर योगी ने कहा, ” व्यक्ति को आशावादी बनना चाहिये. प्रभु राम का काम है और उसकी तिथि भगवान राम ही तय करेंगे, लेकिन जो कार्य होना है वह होकर ही रहेगा उसको कोई टाल नहीं सकता है, नियति ने जो तय किया है वह होकर रहेगा.”
मदरसों के सवाल पर योगी ने कहा कि मदरसों का आधुनिकीकरण क्यों नही होना चाहिये, वहां के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से क्यों वंचित करना चाहते है. क्यों उनको मजहबी शिक्षा तक सीमित रखना चाहते हैं. आधुनिक शिक्षा सभी को दी जानी चाहिये। इसी परिपेक्ष्य में हम लोगों ने मदरसो को भी लिया है.