आखिरकार बहुत कोशिशो के बाद पूरा हुआ एक मंदिर का कार्य : अधुरा मंदिर

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श्री शिव शक्ति दुर्गा मंदिर इस मंदिर की शुरुआत सन 1975 के आस – पास साउथ गामडी के निवासियो

द्वारा करवाया गया था परन्तु किसी वजह के कारण इसके ऊपर की छोटी पूरी न होने कारण यह अधुरा रह गया था .

जिस कारण यह अधुरा मंदिर के नाम से जाना जाने लगा . इसके लगभग 45 वर्षों बाद इसका पुनः निर्माण का बीड़ा

साउथ गामडी ए – ब्लाक के निवासिओ द्वारा दोबारा उठाया गया फिर इस मंदिर की जड़ से शुरुवात हुए सन 2018 से

शुरुवात कर दी गई .इसको पूरा करने में लगभग 1 वर्ष लग गया . इसके पुनः निर्माण में लगभग 50 लाख तक का खर्चा

लगा . जो समस्त आस – पास के घरो तथा साउथ गामडी के निवासिओ ने चंदा के तोर पर एकत्रित कर इसको पूरा करने

की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई . जो की यह मंदिर 10 फरवरी को तयार हो गया .

इसमें सरे मुर्तिया दोबारा से स्थापित की गई है जैसे माँ गोरा देवी , माँ राजेश्वरी देवी , केला देवी तथा खाटू श्याम जी

की भी विराजमान कराये गए वह भी ढोल नगाड़े के साथ की गए स्थापना .इस मंदिर में धोलपुरी पत्थर का प्रयोग किया

गया है .जिस में एक – एक पत्थर पर कारीगर ने डिजाईन तथा प्रतिमा बनाने में एकांतर दिन लगा दिया .

इन कारीगरों को स्पेशल जयपुर से भुलवाकर 6 महीने तक यही रखा .

इस प्रकार इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज रखा गया.

उसी तरह अब इस मंदिर का नाम अधुरा मंदिर श्री शिव शक्ति के नाम से जाना जाता है .