आज है जन्मदिन,11 की उम्र में शादी के बंधन में बंध गई थी देश की पहली महिला डॉक्टर….

0
7

भारत की पहली महिला चिकित्सक रुक्मा बाई राऊत का जन्म 1864 में आज ही के दिन मुंबई में हुआ था।

ब्रिटिश उपनिवेश के दौरान भारत में जब महिलाएं अपने अधिकारों को लेकर भी जागरूक नहीं थीं तब उन्होंने डॉक्टरी के

पेशे में प्रवेश कर एक मिसाल कायम की।

1894 में वह भारत की पहली महिला डॉक्टर बनीं। वह एक ऐतिहासिक कानूनी मसले के केंद्र में भी रहीं जिसके

परिणामस्वरूप आज ऐज ऑफ कॉन्सेंट एक्ट 1891 कानून यानी दो वयस्कों के बीच शादी करने की वैधानिक उम्र तय

की गई। गूगल ने उनके सम्मान में 22 नवंबर 2017 को निम्न डूडल बनाया था।

रुक्मा बाई की मां का नाम जयंती बाई था। 15 साल की उम्र में रुक्मा बाई का जन्म हुआ। 17 साल की उम्र में जयंती

बाई विधवा हो गईं,जिसके बाद उन्होंने सखाराम अर्जुन से दूसरी शादी की जो मुंबई के ग्रांट मेडिकल कॉलेज में वनस्पति

विज्ञान के प्रोफेसर और समाज सुधारक थे। रुक्मा बाई की शिक्षा में उनके पिता का काफी योगदान रहा।

निजी और पेशेवर जीवन में हर चुनौती को स्वीकार करने वाली रुक्मा बाई का विवाह 11 साल की उम्र में ही आठ साल

बड़े भीकाजी से हो गया था। शादी के बाद वह अपने माता-पिता के साथ रहती थीं। 1884 में भीकाजी ने बॉम्बे हाईकोर्ट

में पति का पत्नी के ऊपर वैवाहिक अधिकार का हवाला देते हुए .

याचिका दायर की जिसके बाद हाईकोर्ट ने उन्हें पति के साथ रहने या जेल जाने का आदेश दिया।