आप अब भी सर्वश्रेष्ठ हैं ,घबराने की कोई जरूरत नहीं, आपकी नौकरी पर नहीं है कोई खतरा;

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रोबोट (Robot) हमारी आधुनिक जीवन शैली का हिस्सा बन चुके हैं।

कभी वॉइस असिस्टेंस के नाम पर तो कभी रोबोट गैजेट्स के रूप में और कभी पारंपरिक रोबोट की शक्ल में।

हमारे आसपास तमाम सेवाओं में रोबोट का दखल लगातार बढ़ता जा रहा है।

यह दखल कदर है कि इंसान को इससे अपने लिए खतरा महसूस होने लगा है।

तमाम नौकरियों में ऑटोमेशन के नाम पर रोबोट इंसानों की जगह लेने लगे हैं।

कभी रोबोट के आने से खुश होने वाले हम इंसान, अब रोबोट के फेल होने पर तालियां पीटने लगे हैं।

ऐसा ही खुश होने और तालियां पीटने का एक मौका हमें फिर मिला है, जब कई रोबोट्स को नौकरी से निकाल दिया गया।

दरअसल जापान के एक होटल में मैनेजमेंट ने अपने यहां काम कर रहे रोबोट्स की संख्या को आधा करने का फैसला किया है।

मैनेजमेंट का कहना है कि कुछ रोबोट होटल की समस्याएं सुलझाने की बजाय बढ़ा रहे थे।

यही कारण है कि मैनेजमेंट ने इनकी संख्या आधी करने का फैसला लिया है।

बता दें कि हिना-ना नाम के होटल में कई अहम सेवाएं रोबोट के हवाले हैं, लेकिन ये रोबोट अपने काम को सही तरीके

से अंजाम नहीं दे पा रहे हैं।

होटल में डॉल जैसे दिखने वाले रोबोट ‘चुरी’ का काम ग्राहकों को स्थानीय जगहों के बारे में सही-सही जानकारी देना

था, लेकिन वह ऐसा करने में असफल रही।

यही नहीं रोबोट के हवाले चेक इन और पासपोर्ट सेवा भी थी, लेकिन यहां भी वह असफल ही साबित हुए।

इस तरह इंसान की बजाय रोबोट्स पर ज्यादा भरोसा करने वाले होटल मैनेजमेंट को रोबोट्स की सेवाएं समाप्त करनी पड़ी।

बता दें कि लगेज सर्विस देने वाले दो रोबोट्स 100 कमरों में से सिर्फ 24 में सही सेवाएं दे पाए। यही नहीं बारिश और

बर्फबारी के समय तो वे असहाय ही साबित हुए।

ये रोबोट्स अक्सर एक-दूसरे को सामान देने में फंस जाते थे।

होटल के ग्राहकों को विमान और नजदीकी पर्यटन स्थलों की जानकारी देने में भी ये रोबोट फेल साबित हुए।

यह भी गौर करने लायक बात है कि इन रोबोट्स ने होटल में कई वर्षों तक अपनी सेवाएं दी हैं।

लंबे वक्त से रोबोट्स से काम करने के बाद होटल हिना-ना के मैनेजमेंट ने इनकी जगह नए रोबोट्स लाने की बजाय,

रोबोट्स की सेवाएं बंद करने का फैसला किया है।

इंसानों के लिए यह खुशखबरी की बात इसलिए है कि जापान के इस होटल ने अब एक बार फिर इन रोबोट्स की जगह

इंसानों को काम पर रखा है।

यानि जिन रोबोट्स ने इंसानों को रिप्लेस किया था, उन्हीं रोबोट्स की खामियों ने एक बार फिर मैनेजमेंट को इंसानों

की तरफ लौटने को मजबूर कर दिया।

जापान के हिना-ना होटल में 90 फीसदी काम इन रोबोट्स के हवाले था।

पिछले कुछ समय से इन रोबोट कर्मचारियों ने मैनेजमेंट के लिए समस्या खड़ी कर दी थी,

वे अपना कोई काम सही से नहीं कर पा रहे थे।

इसकी वजह से होटल की साख दांव पर लगी हुई थी।

आखिर अपनी साख बचाने के लिए होटल मैनेजमेंट ने 243 में से आधे रोबोट्स को हटाने का फैसला लिया है।