इमरान राज में हाफिज के संगठन को मिली बड़ी राहत, पाबंदी हटी….

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पहले भी लश्कर-ए-तैयबा पर नकेल कसते हुए अमेरिका ने अपनी आतंकी संगठनों की सूची में जमात-उद-दावा समेत कई अन्य संगठनों को शामिल कर चुका है.

पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई हमले के मास्टर माइंड हाफिज सईद के संगठन जमात-उद-दावा और उसके सहयोगी संगठन ‘फलाही इंसानियत फाउंडेशन’ को बड़ी राहत दी. यह संगठन अब पाकिस्तान में सामाजिक और चैरिटी के काम कर सकेगा. सुप्रीम कोर्ट के दो जजों की पीठ ने यह फैसला दिया है जिसमें जस्टिस मंजूर अहमद और जस्टिस सरदार तारिक मसूद शामिल थे. इमरान खान के प्रधानमंत्री बनने के बाद आया सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला सियासी लिहाज से अहम माना जा रहा है.

पाकिस्तान की सरकार ने हाफिज सईद पर पाबंदी लगा दी थी. हाफिद मोहम्मद सईद की कई संस्थाओं पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बंदिशें लगा दी थीं. पाकिस्तानी शीर्ष अदालत के फैसले के बाद हाफिज ने कहा, ‘हम अल्लाह के शुक्रगुजार हैं कि जिसने जमात-उद-दावा को जीत दी, जो कि लगातार मानव सेवा में जुटी है.’

हाफिज सईद का पाकिस्तान में काफी बड़ा नेटवर्क है. हाफिज पाकिस्तान में 300 मदरसे, स्कूल, अस्पताल, पब्लिशिंग हाउस और एंबुलेंस सेवा संचालित करता है. उसकी संस्था में तकरीबन 50 हजार स्वयंसेवक काम करते हैं.

जियो न्यूज के मुताबिक 1 जनवरी 2018 को संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद और पाकिस्तान की सरकार ने हाफिज की संस्था पर पाबंदी लगा दी थी. साथ ही उसकी संस्था को चंदा देने पर भी रोक लगा दी गई थी. सुरक्षा परिषद की सूची में कई आतंकी संगठन शामिल हैं जिन पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है. इनमें अल कायदा, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, लश्कर-जांघवी, जमात-उद-दावा, लश्कर-ए-तैयबा, एफआईएफ समेत कई आतंकी संगठन शामिल हैं. प्रतिबंध के तहत इन संगठनों को चंदा नहीं दिया जा सकता है.