इस तरह से तो बर्बाद हो जाएगा ईरान! अर्थव्‍यवस्‍था चौपट करने में जुटा अमेरिका ….

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ईरान से अमेरिका की अदावत कोई नहीं है।

दोनों देशों के बीच परमाणु संधि से पहले और संधि के टूटने के बाद के समय में कोई खास फर्क नहीं आया है।

संधि के कुछ समय तक दोनों देशों के बीच कोई तीखी बयानबाजी नहीं हुई,

लेकिन डोनाल्‍ड ट्रंप के सत्‍ता में आने के बाद दोनों के रिश्‍ते लगातार खराब ही हुए हैं।

इसके अलावा माना ये भी जा रहा है कि अमेरिका ने ईरान को आर्थिक रूप से बर्बाद

करने का मन बना लिया है।

अब इन खराब होते रिश्‍तों पर ट्रंप ने यह कहते हुए एक और हमला किया है कि वह पश्चिम एशिया में अपने

विमानवाहक युद्धपोत और बमवर्षक विमान तैनात कर रहा है।

यदि ऐसा हुआ तो पूरी दुनिया में मौजूद अमेरिकी सेना का ग्‍यारहवां बेड़ा होगा जो यहां पर तैनात होगा।

इससे पहले उत्तरी अटलांटिक महासागर, प्रशांत महासागर में जिसका मुख्‍यालय सैन डियागो में है,

दक्षिण अटलांटिक महासागर में तैनात बेड़े का मुख्‍यालय फ्लोरिडा में है,

मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सेना का मुख्‍यालय बहरीन में है,

इटली के गाएटा, पश्चिमी प्रशांत महासागर में तैनात बेड़े का मुख्यालय जापान के योकोशुका में है

और मध्य अटलांटिक तट पर तैनात कर चुका है जिसको साइबर कमांड के नाम से जाना जाता है।

अमेरिकी बेड़े की पश्चिम एशिया में तैनाती की बात ईरान के लिए बड़ी चिंता का विषय है।

दरअसल, अमेरिका ने इस इलाके में विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन और बमवर्षक

टास्क फोर्स को तैनात करने का फैसला लिया है।