इस शहर के 57 उद्योगों के बिजली, पानी व सीवरेज कनेक्शन काटे….

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संस, चंडीगढ़: डेराबस्सी की 57 फैक्ट्रियों को प्रदूषण फैलाने के आरोप में बंद करने के एनजीटी के आदेशों के तहत मंगलवार को बिजली, पानी व सीवरेज कनेक्शन काट दिए गए। एनजीटी के आदेश संलग्न कर पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने पावरकाम, वाटर सप्लाई एवं सीवरेज बोर्ड को उक्त कनेक्शन काटने के निर्देश सोमवार को जारी कर दिए थे। एनजीटी ने पंजाब सरकार को एक हफ्ते के भीतर प्रदूषण नियमों की डिफाल्टर 57 इंडस्ट्रीज को बंद करने के अंतरिम आदेश जारी किए थे। अगली सुनवाई के लिए एनजीटी में 13 नवंबर तय है। इनमें काम करने वाले चार हजार वर्कर्स को अब मजबूरन बिना काम के घर बैठना पड़ रहा है। दूसरी ओर, फैक्ट्री मालिकों के लिए करोड़ों रुपये का नुकसान होना तय है। हालाकि कई उद्योगों में जेनरेटर सुविधा है, परंतु उन्हें चलाने के लिए भी पावरकॉम की अनुमति जरूरी है। इससे उत्पाद की लागत मार्केट से कहीं अधिक बढ़ जाएगी।

डेराबस्सी फोकल प्वाइंट इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान राकेश भार्गव ने बताया कि इंडस्ट्रियल कारोबारियों समेत चार हजार वर्कर्स अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े यहा ट्रासपोर्ट कारोबार, आसपास के ढाबे आदि का कामकाज पर भी बुरा असर पड़ेगा।

हमें तो पक्ष रखने का मौका तक नहीं दिया गया : मित्तल

दूसरी ओर, डेराबस्सी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान विजय मित्तल के अनुसार एनजीटी की सख्ती के आगे पंजाब सरकार भी ट्रिब्यूनल में पार्टी बनकर उनका पक्ष रखने में असहाय महसूस कर रही है। उद्योग मंत्री को बताया गया कि कंपनिया बंद होने से बिजली के रूप में ही उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान होगा। पानी सीवर कलेक्शन के के अलावा टैक्स रूपी रेवेन्यू में करोड़ों रुपयों की गिरावट आनी तय है। हालाकि यह अंतरिम फैसला इस्सापुर के करनैल सिंह नंबरदार की 8 साल पुरानी याचिका में आया है, परंतु इंडस्ट्रियलिस्ट का कहना है कि उन्हें कंसीडर करना तो एक तरफ, अपना पक्ष तक रखने का मौका नहीं दिया गया। बिजली, पानी और सीवर की डिस्कनेक्शन कार्रवाई शुरू होने से उद्योगपतियों की समस्या और गंभीर हो गई है।