ईरान के सर्वोच्‍च नेता अयातुल्‍ला खामनेई के ट्वीट को लेकर खड़ा हुआ विवाद सोशल मीडिया पर गर्माया हुआ है।

ईरान के सर्वोच्‍च नेता अयातुल्‍ला खामनेई के ट्वीट को लेकर खड़ा हुआ विवाद सोशल मीडिया पर
गर्माया हुआ है। खामेनेई ने एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्‍होंने अमेरिका के पूर्व राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप
से ईरानी सैन्‍य कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी का बदला लेने की बात कही। इसके बाद यह खबर
उड़ी कि खामेनेई के ट्व‍िटर एकाउंट को सस्‍पेंड कर दिया गया। हालांकि, ट्विटर ने इस खबर को निराधार
बताया है। इस बीच ट्व‍िटर शुक्रवार को सफाई देते हुए कहा कि खामेनेई के फर्जी अकाउंट को सस्‍पेंड
किया गया है। इसके पूर्व यह खबर आई थी कि ट्व‍िटर ने एक्‍शन लेते हुए शुक्रवार को उनके अकाउंट
को सस्‍पेंड कर दिया है। इस ट्वीट में धमकी दी गई थी कि ईरान के शीर्ष जनरल कासिम सुलेमानी की
मौत का ट्रंप से बदला लिया जाएगा।

कंपनी के प्रवक्‍ता ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में कहा कि खामेनेई का एक फर्जी अकाउंट
था, जिसने ट्व‍िटर के नियमों का उल्‍लंघन किया और इसलिए इस अकाउंट को बंद कर दिया गया है।
इस विवादित ट्वीट का स्‍क्रीनशॉट अब भी सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा है। इसमें ट्रंप की तरह दिखने
वाले एक व्‍यक्ति को लड़ाकू विमान या किसी बड़े ड्रोन के साये में गोल्‍फ खेलता हुआ दिखाया गया है।
यह फारसी भाषा में है। जिस ट्वीट को अब ट्व‍िटर ने हटा दिया है उसमें यह लिखा था कि बलदा लाजमी है।

फारसी भाषा में लिखे उस ट्वीट में बदला शब्‍द लाल रंग से लिखा था। ट्वीट में यह भी लिखा गया है कि
सुलेमानी के कातिल और जिसने कत्‍ल का हुक्‍म दिया उसे भारी कीमत चुकानी होगी। करीब एक वर्ष पूर्व
अमेरिका ने एक ड्रोन हमले के जरिए जनरल सुलेमानी की हत्‍या कर दी थी, जब वह बगदाद में थे। इसके
बाद ईरान ने बदले की कार्रवाई करते हुए इराक स्थिति अमेरिकी एयरबेस पर कुछ मिसाइलें दागी थीं।