उत्तरी जापान में भूकंप के जोरदार झटके, काफी नुकसान की आशंका

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A building damaged by Typhoon Jebi is seen in Osaka, western Japan, in this photo taken by Kyodo September 4, 2018. Mandatory credit Kyodo/via REUTERS

जापान दोतरफा मार से गुजर रहा है. अभी जेबी तूफान से उबर नहीं पाया था कि भूकंप ने दस्तक दे दी. हालांकि सुनामी का कोई खतरा नहीं है लेकिन जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.

जापान के होकायिदो टापू पर गुरुवार को तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए. इससे लैंडस्लाइड की घटना के साथ-साथ करीब 30 लाख घरों में बिजली ठप्प पड़ गई. एक एटमी प्लांट में जनरेटर से बिजली सप्लाई करानी पड़ी.

जापान मौसम विभाग ने बताया कि होकायिदो टापू पर गुरुवार को तड़के तीन बजकर 8 मिनट पर 6.7 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए. भूकंप का केंद्र 40 किलोमीटर की गहराई में  तोमाकोमाई शहर में था.  न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक, यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने भूकंप की तीव्रता 6.6 बताई है हालांकि, इससे सूनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई है. आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बताया कि तोमाकोमाई में एक शख्स बेहोश मिला और पास के शहर अस्तुमा से कई लोगों के लापता होने की खबर है.

मुख्य कैबिनेट सचिव योशिहीदे सुगा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अधिकारियों को सैड़कों लोगों के लापता होने और घरों के ढहने के फोन मिले हैं. उन्होंने बताया कि अधिकारी राहत और बचाव के लिए अपनी पूरी कोशिश रहे हैं और नुकसान का हिसाब लगाया जा रहा है.

सुगा ने बताया कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय में आपदा कार्यबल बनाने को कहा है. जापान के न्यक्लियर रेगुलेशन अथॉरिटी ने बताया कि तोमारी एटमी प्लांट के तीन रिएक्टरों को बैकअपजेनरेटर से चलाया जा रहा है क्योंकि टापू पर बिजली की सप्लाई ठप्प पड़ गई है और ट्रैफिक चरमरा गया है. भूकंप की वजह से फोन सेवा और टेलिविजन ब्रॉडकास्ट भी सापोरो में प्रभावित हुआ है.

भूकंप की भी मार

जापान में मंगलवार को पिछले 25 साल का सबसे शक्तिशाली जेबी तूफान आया. देश में तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण कई लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं.

तेज हवाओं ने मकानों की छतों को उड़ा दिया, पुलों पर खड़े ट्रक पलट गए और ओसाका खाड़ी में खड़े टैंकर जहाज को भी वह अपने साथ उड़ा ले गईं. टैंकर के एक पुल से टकराने और पुल को पहुंची क्षति के कारण कंसाई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मुख्य टापू से कट गया. इस कारण करीब 3,000 लोग फंस गए. 800 उड़ानों को रद्द कर दिया गया. हवाई अड्डे के अधिकारियों का कहना है कि वह पुल को पहुंचे नुकसान का आंकलन कर रहे हैं, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि यात्री कब अपने गंतव्य पर रवाना हो सकते हैं.

तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण हवाई अड्डे पर पानी भर गया और कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं. पश्चिमी जापान में दोपहर में 216 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चक्रवाती तूफान जेबी आया. यह इलाका इस साल गर्मी में हुई भयावह बारिश से अभी उबर ही रहा है. प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने लोगों से जल्द से जल्द जगह खाली करने की अपील की और अपनी सरकार से लोगों को बचाने के लिए सभी जरूरी उपाय करने का निर्देश दिया.