एक कब्र खोदा गया तो उसमें से निकला 433 करोड़ रुपये का खज़ाना.

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हर तरफ सन्नाटा. जैसा कि कब्रिस्तान में होता है. मगर इस सन्नाटे को चीरती सायरन की आवाज़.

क्योंकि खबर मिलते ही आयकर विभाग की टीम सुबह सुबह चेन्नई के एक कब्रिस्तान में दाखिल हुई.

कहते हैं जितना काला धन विदेशों में है. उससे भी कहीं ज़्यादा देश में है. तो कभी दुकान से. कभी ज़मीन से. तो कभी छत से. कभी बिस्तर के नीचे से तो कभी बाथरूम या दीवार से.

मगर इस बार तो हद ही हो गई. ख़ज़ाना ऐसी जगह छुपाया जहां सैकड़ों लोग सो रहे थे.

मगर चूंकि वो बोल नहीं पाते, लिहाज़ा छुपाना आसान हो गया.

कब्रिस्तान में आने के बाद दुनियावी कहानी हमेशा हमेशा के लिए खत्म हो जाती है.

इंसान पहले लाश. फिर कंकाल और आखिर में खुद ही कहानी बन जाता है

मगर चेन्नई की कहानी एक कब्र से शुरू होती है. कहानी इंसानी जुर्म की. कहानी हेराफेरी की.

कहानी इंसानी लालच की. वो कहानी, जो इससे पहले ना कभी सुनी गई ना सुनाई गई.

खुद डिपार्टमेंट के लोग इस कहानी को सुन कर सकते में हैं.28 जनवरी 2019 का दिन.

आयकर विभाग को ख़बर मिलती है कि तमिलनाडु के मशहूर सर्वणा स्टोर,

पहली बार ऐसी कार्रवाई

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की इस रेड की कहानी किसी साउथ इंडियन फिल्म जैसी थी.

लेकिन यहां पर जो हुआ वो फिल्म की कहानी न होकर सच था.

ड्राइवर की निशानदेही पर कब्र से जब मिट्टी हटाई गई तो कब्र के अंदर. करीब 25 करोड़

रुपये नकद, 12 किलो सोना और 626 कैरेट के हीरे बरामद किए गए.

कब्र से निकला अरबों का खजाना

ये वो खज़ाना था जो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट 28 जनवरी को चेन्नई और कोयंबटूर में 72

जगहों पर छापे मारकर खोजना चाह रहा था. जैसे वहां मरने के बाद मुर्दे को रखा जाता है.

ताकि उनकी इस चोरी भनक भी किसी को न लगे.

एसयूवी कार में घूम रहा था खजाना

यही वजह थी कि पुख्ता खबर होने के बावजूद 28 जनवरी को मारे गए इनकम टैक्स के

छापे में डिपार्टमेंट को ज्यादा कुछ नहीं मिला था.  इस गाड़ी में जो सामान था, उसकी कुल कीमत 433 करोड़ रुपये के करीब थी.

ड्राइवर ने खोला राज

आयकर अधिकारियों की इस नाकाम रेड के बाद जांच की गई तो पता चला कि जिस वक्त डिपार्टमेंट छापा मार रहा था.

28 जनवरी को शुरू हुआ ऑपरेशन 9 दिन बाद जाकर खत्म हुआ.

6 फरवरी 2019, चेन्नई

आयकर विभाग को यकीन नहीं हो रहा था कि ये कैसे हुआ कि इन तीनों कंपनियों के

मालिक के बारे में इतनी पुख़्ता जानकारी होने के बावजूद उनका ऑपरेशन फेल कैसे हो गया. उनके हाथ कुछ नहीं लगा.