एक कार्ड जो अब चलेगा बस और ट्रेन-मेट्रो में डेबिट-क्रेडिट कार्ड की तरह

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एक देश, एक कार्ड’ योजना का ट्रायल अगले तीन से चार महीने में होगा

नई दिल्ली. पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को सुगम बनाने के लिए तैयार हो रही ‘एक देश, एक कार्ड’ योजना का ट्रायल अगले तीन से चार महीने में होगा। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने गुरुवार को कहा कि इस योजना का ज्यादातर काम पूरा हो चुका है। इसके लागू होने पर यात्री एक ही कार्ड से देशभर में रेल, मेट्रो और बसों में कहीं भी सफर कर सकेंगे। ये स्मार्टकार्ड डेबिट और क्रेडिट कार्ड की तरह भी काम करेगा।

 

अमिताभ कांत ने कहा, ”योजना को तैयार करने में सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कम्प्यूटिंग, बैंक और शहरी विकास मंत्रालय शामिल हैं। इसके तकनीकी पहलू को अंतिम रूप देने के लिए कई एजेंसियों और इससे संबंधित मंत्रालयों के साथ बैठकें की गईं।”

नागरिकों को ध्यान में रखकर योजना तैयार हुई : 3 सितंबर को अमिताभ कांत ने कहा था कि इस योजना के आने पर यातायात के विभिन्न माध्यमों में सफर आसान हो जाएगा। भारत जैसे सघन आबादी वाले देशों में मजबूत ट्रांसपोर्ट सिस्टम अर्थव्यवस्था के विकास की रीढ़ है। नए ट्रांसपोर्ट सिस्टम में न सिर्फ वाहनों, बल्कि नागरिकों को सबसे पहले रखा जाएगा ताकि यातायात के सभी माध्यमों में सफर साफ-सुथरा और आरामदायक हो सके।

बढ़ता प्रदूषण विकास के लिए चिंताजनक : अमिताभ कांत के मुताबिक, जीडीपी में फिलहाल रोड ट्रांसपोर्ट का योगदान करीब चार फीसदी है, जो ज्यादातर जीवाश्म ईंधन पर निर्भर है। बड़े शहरों में बढ़ते वायु प्रदूषण और पर्यावरण में बदलाव चिंताजनक हैं। ऐसे में देश के विकास और अर्थव्यवस्था में ट्रांसपोर्ट सिस्टम की भूमिका अहम है। नीति आयोग के सलाहकार अनिल श्रीवास्तव ने कहा था कि केंद्र सरकार पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए आवागमन की बेहतरी के लिए काम कर रही है।