कंवारे रह जा रहे युवक-युवतियां , छत्तीसगढ़ के इस गांव में कोई शादी के लिए तैयार नहीं….

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देशभर में इन दिनों शादी का सीजन चल रहा है। रोजाना विवाह के अच्छे मुहूर्त बन रहे हैं।

बहुत से घरों में मंडप सजे हैं और बैंड-बाजे की आवाजें सुनाई पड़ रही है, लेकिन छत्तीसगढ़ का एक गांव ऐसा है,

जहां लोग किसी शादी समारोह की शान देखने के लिए कई वर्षों से आस लगाए बैठे हैं। यहां कई युवक-युवतियां ऐसे हैं,

जिनकी शादी की उमर निकल रही है, लेकिन उन्हें जीवन साथी बनाने के लिए कोई तैयार नहीं। इस गांव के नाम से ही

लोग रिश्ता जोड़ने से कतराने लगते हैं।

दरअसल, गरियाबंद के सुपेबेड़ा गांव के लोग एक ऐसी बीमारी का शिकार हो रहे हैं, जिसकी वजह से यहां की आबादी

घटती जा रही है। शादियां न होने की वजह से बच्चे भी नहीं हो रहे और यहां के लोग अपने गांव के अस्तित्व को बचाने के

लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। सुपेबेड़ा में किडनी की बीमारी को लेकर इस कदर दहशत है कि लोग पलायन कर रहे हैं।

गरियाबंद जिले के इस 900 की आबादी वाले गांव में साल 2005 से लगातार किडनी की बीमारी से मौत का सिलसिला जारी है।

अब तक यहां 68 मौतें हो चुकी है। स्थिति यह है कि पिछले एक दशक के दौरान गिनती की ही शादियां हुई हैं।

शादी की उम्र पार कर रहे युवाओं के चेहरे पर एकाकीपन का दर्द यहां साफ झलकता है।

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