कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की फिसली जुबान

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की बुधवार को चेन्नई के कॉलेज में विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए अचानक जुबान फिसल गई. हुआ यूं कि जब वह भगोड़े आर्थिक अपराधियों और देश के कथित करप्ट उद्योगपतियों  की बात कर रहे थे तो उन्होंने नीरव मोदी की जगह नरेंद्र मोदी का नाम ले लिया

नई दिल्ली: 

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की बुधवार को चेन्नई के कॉलेज में विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए अचानक जुबान फिसल गई. हुआ यूं कि जब वह भगोड़े आर्थिक अपराधियों और देश के कथित करप्ट उद्योगपतियों  की बात कर रहे थे तो उन्होंने नीरव मोदी की जगह नरेंद्र मोदी का नाम ले लिया. हालांकि इसका अहसास होते ही उन्होंने अपनी गलती सुधारी, मगर तब-तक हॉल ठहाकों से गूंज उठा. राहुल गांधी ने इस दौरान स्टूडेंट्स के तमाम  सवालों के जवाब भी दिए.

राहुल गांधी ने 13 हजार करोड़ से ज्याादा के बैंक लोन घोटाले के

आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी की चर्चा की.

राहुल गांधी ने विद्यार्थियों से पूछा- नीरव मोदी ने कितनी नौकरियां पैदा कीं,

आपके साथ शर्त लगा सकता हूं कि सिर्फ 30 लाख रुपये के लोन में आप

इससे ज्यादा नौकरियां पैदा कर सकते हैं.

राहुल गांधी ने इस दौरान बैंकिंग सिस्टम को युवा उद्यमियों के लिए खोलने पर चर्चा की,

ताकि युवा बिजनेस के लिए लोन ले सकें.

उन्होंने कहा,” हम वह पैसा वापस लाना चाहते हैं, जो 15-17 भ्रष्ट कारोबारियों के पास गया है,… जैसे नरेंद्र….नरेंद्र नहीं, नीरव मोदी…

” इस दौरान राहुल गांधी मुस्कुराए तो हॉल में ठहाके लगने लगे. इसके बाद फिर उन्होंने नीरव मोदी का नाम लेकर अपनी बात रखनी शुरू कर दी.

राहुल गांधी ने कहा कि युवा महिलाओं और व्यक्तियों के लिए बैंकों के दरवाजे खोले जाएंगे ताकि वे लोन लेकर बिजनेस कर सकें.

इसके बाद राहुल गांधी ने प्रेस कांफ्रेंस की.

इस दौरान उन्होंने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में सरकार बनने पर उनकी

सरकार मिनिमम इनकम गारंटी जैसे क्रांतिकारी कदम उठाएगी.

डायरेक्ट कैश ट्रांसफर सिस्टम के जरिए हर व्यक्ति को न्यूनतम आय की सुविधा दी जाएगी.

राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी का बेसिक आइडिया है कि हर संस्था पर कब्जा करने का.

जो पूरे देश को बिना कानून के चला रहे हैं.

प्लानिंग कमीशन, आरबीआई, सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग सभी संस्थाओं को सरकार प्रभावित कर रही है.

हम सभी संस्थाओं का सम्मान करते हैं.

हम अपनी कला और संस्कृति का सम्मान करते हैं.