काली मिर्च,अल्सर, अस्थमा और कब्ज समेत कई बीमारियों के लिए दवा है

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काली मिर्च,अल्सर, अस्थमा और कब्ज समेत कई बीमारियों के लिए दवा है

दुनियाभर में काली मिर्च का इस्तेमाल जायके का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। वहीं, आयुर्वेद में औषधि के रूप में

इसका यूज किया जाता है। भारत में प्राचीन समय से काली मिर्च का सेवन किया जाता रहा है। इसका मुख्य केंद्र दक्षिण

भारत है।

कब्ज की समस्या दूर होती है

अनुचित खानपान के चलते कब्ज आम समस्या बन गई है। खासकर जंक फूड्स, चाय, कॉफी और स्मोकिंग के चलते पेट

संबंधी विकार होते हैं। इससे निजात पाने के लिए काली मिर्च का सेवन किया जा सकता है। काली मिर्च के सेवन से पेट में

हाइड्रोक्लोरिक एसिड का स्त्राव होता है। इससे पाचन तंत्र सुचारू रूप से काम करने लगता है।

पेप्टिक अल्सर में आराम मिलता है

कई शोध से खुलासा हुआ है कि काली मिर्च के सेवन से पेप्टिक अल्सर में बहुत जल्द आराम मिलता है। इसमें एंटी

ऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी के गुण पाए जाते हैं जो अल्सर को कम करने में सहायक सिद्ध होते हैं।

अस्थमा के लिए गुणकारी है

डॉक्टर्स हमेशा फ्लू और सांस संबंधी बीमारियों को दूर करने के लिए काली मिर्च की चाय पीने की सलाह देते हैं। अगर

आप अस्थमा के मरीज हैं। अथवा सांस संबंधी किसी बीमारी से जूझ रहे हैं, तो काली मिर्च को अपनी डाइट में शामिल कर

सकते हैं। इसके लिए काली मिर्च की चाय पी सकते हैं।

वजन कम करने में सहायक

मसालेदार भोजन के सेवन से मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने और वजन घटाने में मदद मिलती है। ऐसा तापीय प्रभाव से होता

है। मसालेदार भोजन तापीय प्रभाव को ट्रिगर करता है, जबकि तापीय प्रभाव कैलोरीज बर्न करता है। फाइबर के चलते

भूख कम लगती है और बार-बार खाने की आदत से निजात मिलती है। साथ ही पिपेरिन पाचन तंत्र को मजबूत करता है

और फैट बर्न करता है।