कैसे होती है कलश की स्थापना: नवरात्रि 2018…

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नवरात्रि का लोगों को बेसब्री से इंतजार होता है। शरदीय नवरात्रि इस बार 10 अक्टूबर को शुरू हो रहे हैं। हर घर में मां दूर्गा की पूजा के लिए जोरो-शोरो से तैयारियां हो रही हैं। इस समय घरों में कलश की स्थापना की जाती है, जिसे घट स्थापना भी कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि कलश स्थापना मां दुर्गा का आह्वान है। इसकी नौ दिन पूजा करने से देवी में घर में विराजमान रहकर भक्तों पर कृपा बरसाती हैं।

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
कलश की स्थापना सही समय और मुहूर्त पर करने से ही शुभ फल मिलता है। 10 अक्टूबर की सुबह 6.25 मिनट से 7.26 तक कलश की स्थापना का समय अच्छा है। इस समय अगर कलश की स्थापना न कर पाएं तो दोपहर 11.51 से 12.29 तक के बीच भी कलश स्थापित कर सकते हैं।

कलश स्थापना की सामग्री
कलश स्थापना के लिए सामग्री खरीदने जा रहे हैं तो इसमें लाल रंग का आसन,मिट्टी का पात्र,जौ, कलश के नीचे रखने के लिए मिट्टी,मौली,लौंग,इलायची,कपूर रोली,चावल,साबुत सुपारी, आम के पत्ते,नारियल,चुनरी,सिंदूर,फल-फूल,फूलों की माला, माता का श्रृंगार, मेवे आदि जरूरी है।

ऐसे तरह करें कलश स्थापना
सुबह स्नान करके मंदिर साफ करें और मां दूर्गा की अखंड ज्योत जलाएं। मिट्टी के पात्र में मिट्टी और जौ डाल दें। अब तांबे के लोटे कुछ बूंद गंगाजल की डालकर उसमें दूब,सुपारी,सवा रुपया और अक्षत डालें। इस कलश के ऊपर आप के 5 पत्ते और नारियल पर लाल चुनरी लपेट कर रखें। अब इस कलश को जौ वाले मिट्टी के पात्र के बीचोबीच रख दें। नवरात्रि के नौ दिन मां की पूजा करके शुभ फल प्राप्त करें।