क्या आप जानते हैं आखिर ट्रैक्टर बनाने वाली Lamborghini क्यों बनाने लगी स्पोर्ट्स कार ???

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अक्टूबर 1963 में हुए Turin Motor Show में Lamborghini ने अपनी पहली गाड़ी Lamborghini 350 GTV को दूनिया के सामने पेश किया था।

गाड़ियों का शौक आखिर किसको नहीं होता? और जब बात स्पोर्ट्स कार की हो तो क्या ही कहने। आम तौर कार के शौकीनों की जुबान पर कारनिर्माता कंपनियों के नाम रटे हुए होते हैं। लेकिन कुछ ऐसी कंपनियां भी होती हैं, जिनका नाम वे लोग भी जानते हैं जिनहें गाड़ियों में ज्यादा इंटरेस्ट नहीं होता। उन कंपनियों में से दो नाम हैं Ferrari और Lamborghini। ये दोनों वो गाड़ियां हैं जो बगल से निकल जाएं तो देखने वाला नजर नहीं हटा पाता।

हालांकि, इन दोनों गाड़ियों का आपस में मुकाबला है। यह मुकाबला स्वाभिमान का है।

क्या है इस स्वाभिमान की लड़ाई की दास्तान

28 अप्रैल, 1916 को इटली के एक छोटे से गांव में अंगूर किसान के घर Ferruccio Lamborghini ने जन्म लिया। अपने परिवार की तरह उन्हें किसानी में बिलकुल दिलचस्पी नहीं थी, बल्की उनका मन मशीनों में ज्यादा लगता था। दूसरे विश्व युद्ध में Ferruccio Lamborghini वायु सेना का हिस्सा थे। उसके बाद, वो मिलिट्री से पुरानी मशीनें लेकर, खेती करने की मशीनें, जैसे कि ट्रैक्टर बनाने लगे।

ट्रैक्टर के बिजनस ने उन्हें बहुत अमीर बना दिया। Ferruccio Lamborghini को गाड़ियों में बहुत दिलचस्पी थी। क्योंकि अब वो अमीर भी थे, तो उन्होंने लगातार कई गाड़ियां खरीदीं। उनमें से एक गाड़ी थी Ferrari। Ferruccio Lamborghini का गाड़ियों को लेकर शौक इता बढ़ गया कि उन्होंने अपनी कुछ गाड़ियों से रेस करना भी शुरू कर दिया। क्योंकि उन्हें गाड़ियों की बनावट के बारे में काफी पता था, इसलिए वो अपनी गाड़ियों में कुछ ना कुछ बदलाव करते ही रहते थे। जब Ferrari से रेस करने की बारी आई, तो उन्होने देखा कि गाड़ी की आवाज ज्यादा है और सड़क पर ये गाड़ी रफ चल रही है। सबसे बड़ी दिक्कत इस गाड़ी में जो उन्हें लगी, वो था इसका क्लच, जिसकी बार-बार मरम्मत करनी पड़ रही थी।

1960 के दशक में Enzo Ferrari की गाड़ियों को luxury sports cars में सबसे ऊपर माना जाता था। Lamborghini अपने आप में एक बेहतरीन मकैनिक थे, इसलिए उन्होने गाड़ी की इस कमी के बारे में Enzo Ferrari को बताने का फैसला किया। क्योंकि Ferrari सबसे अच्छी गाड़ियों में से थी, इसलिए Enzo Ferrari को एक जवान ट्रैक्टर मेकेनिक के मुंह से अपनी गाड़ी की बुराई सहन नहीं हुई। Ferrari का मानना था कि Lamborghini को उनकी गाड़ी या किसी भी गाड़ी के बारे में कुछ नहीं पता।

जब Ferrari ने Lamborghini से ये कह दिया कि उन्हें एक ट्रैक्टर मेकेनिक के द्वारा दी गई सलाह की जरुरत नहीं है, तो वहीं से ये मुकाबला शुरू हुआ। Lamborghini को जिन गाड़ियों का अभी तक महज शौक था, उन्होंने वो गाड़ियां बनाने की ठान ली. बहुत से लोगों का मानना था कि Lamborghini का Ferrari से मुकाबला करने के लिए स्पोर्ट्स कार बनाना नासमझी है। क्योंकि Lamborghini ने जब गाड़ी बनाने के लिए सोचा था तब तक Ferrari बहुत बड़ी कंपनी बन चुकी थी। इसलिए ऐसा करना लगभग नामुमकिन था।

द विंटेज न्यूज के मुताबिक, Lamborghini का इरादा एकदम पक्का था. उन्होंने 1962 में अपने प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया, और मई 1963 में उन्होने Automobile Ferruccio Lamborghini नाम की कार बनाने की कंपनी शुरू की। एक बड़ा प्लांट लगाने के लिए उन्होंने एक बड़ा प्लॉट खरीदा, और क्योंकि Lamborghini को इस काम की अच्छी समझ थी इसलिए उन्होंने सबसे उम्दा मशीनों के साथ अपनी फैक्ट्री शुरू की।

गाड़ी के बहुत से पार्ट असानी से बन गए, गाड़ी का इंजन उन्होंने Giotto Bizzarrini से लिया। उस समय की Ferrari की कुछ गाड़ियों का इंजन Giotto Bizzarrini ने ही बनाया था। बचे हुए पार्ट्स बनाने के लिए Lamborghini ने दो इंजीनियर Giampaolo Dallara और Giampaolo Stanzani को अपने साथ जोड़ा।

एक अच्छे टीम वर्क के बाद, अक्टूबर 1963 में हुए Turin Motor Show में Lamborghini ने अपनी गाड़ी Lamborghini 350 GTV को दूनिया के सामने पेश किया। 1964 के खत्म होने तक Lamborghini अपनी 13 गाड़ियां बेच चुके थे।

Lamborghini को बुलफाइटिंग का बहुत शौक था एसलिए उन्होने अपनी कंपनी का लोगो बुल ही बना दिया। यहां तक कि Lamborghini ने अपनी हर गाड़ी का नाम बुलफाइटिंग के विश्व प्रसिद्ध बुल्स के नाम पर ही रखा है। जैसे Urus, Aventador, Gallardo, Hurucan, Murcielago आदि।