गौतम गंभीर पूर्व ट्रेनर पैडी अप्टोन की आलोचना

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गंभीर ने कहा कि किसी भी मामले में मेरी असुरक्षा को पैडी ने सर्वश्रेष्ठ तरीके से बयां किया है. उन्होंने कहा कि पैडी ने कोई ऐसी बात नहीं कही है, जो सार्वजनिक रूप से लोगों को न पता हो. गंभीर ने कहा कि पैडी का बयान मुझे बिल्कुल भी आहत नहीं करता क्योंकि मैं यहां इस उनके इस बयान को अलग नजरिए से देखना पसंद करूंगा

नई दिल्ली:

इन दिनों गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) पूर्वी दिल्ली में अपनी लोकसभा क्षेत्र के चुनावी प्रचार-प्रसार में व्यस्त हैं, तो अचानक से ही उन पर दो छोर से आलोचना रूपी हमला हुआ. दोनों ही हमले अलग-अलग व्यक्ति की आत्मकथा के जरिए आए. एक हमला पूर्व पाक कप्तान शाहिद अफरीदी ने अपनी आत्मकथा के जरिए किया, तो दूसरा टीम इंडिया के पूर्व ट्रेनर पैडी अप्टोन ने. जहां आफरीदी के शब्दों पर गंभीर (Gautam Gambhir counter Reply to Afridi) ने हमेशा की तरह ही उन पर तीखा  पलटवार किया है, तो वहीं अप्टोन की आलोचना पर गौतम ने सहज रवैया दिखाया है.

अपनी आत्मकथा ‘बेयरफुट कोच’ में पैडी ने जहां गौतम गंभीर को

एक बेहतर मानसिक मजबूत और अपने समय का बेहतरीन बल्लेबाज होने के बावजूद

इस लेफ्टी बल्लेबाज को मानसिक रूप से असुरक्षित और निराशावादी करार दिया,

लेकिन गौतम गंभीर को पैडी अप्टन के इस आंकलन में कुछ भी गलत दिखाई नहीं पड़ता है.

गंभीर ने कहा कि किसी भी मामले में मेरी असुरक्षा को पैडी ने सर्वश्रेष्ठ तरीके से बयां किया है.

उन्होंने कहा कि पैडी ने कोई ऐसी बात नहीं कही है, जो सार्वजनिक रूप से लोगों को न पता हो.

गंभीर ने कहा कि पैडी का बयान मुझे बिल्कुल भी आहत नहीं करता क्योंकि मैं यहां इस उनके इस बयान को अलग नजरिए से देखना पसंद करूंगा.

बात यह है कि जो बात पैडी नहीं कह सके या हो सकता है कि उन्हें मालूम न हो या

किताब के प्रकाशक ने इस बात को संपादित कर दिया हो, लेकिन बात यह है

कि मैं टीम इंडिया और खुद को विश्व में सर्वश्रेष्ठ बनते देखना चाहता था.

गौतम ने कहा कि यही कारण है कि मैं कभी भी शतक बनाने के बाद भी संतुष्ट

नहीं होता था और सौ की जगह दो सौ का स्कोर बनाना चाहता था.

पैडी ने किताब में इसी बात का जिक्र किया है.

मुझे पैडी की इस बात में बिल्कुल भी कुछ गलत नजर नहीं आता.

खुद को व्यक्तिगत रूप से प्रेरित करते हुए मैंने हमेशा ही सर्वश्रेष्ठ बनने की कोशिश की और खुद के लिए मानक स्थापित किए हैं.

गंभीर ने कहा कि वह पैडी के इन बातों से बिल्कुल भी आहत नहीं है. पैडी एक शानदार शख्स हैं,

लेकिन मैं बातों को सीधे और सही नजरिए से देखना पसंद करूंगा.

और बात यह है कि कोई निराशावादी या असुरक्षित व्यक्ति विश्व कप के फाइनल में दबाव के

पलों में बेहतरीन पारी नहीं खेल सकता.

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