जब अब्दुल कलाम से हाथ मिलाने के लिए लगी थी लंबी कतार…

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नई दिल्‍ली । भारत के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की आज जयंती है। कलाम का नाम जहन में आते ही एक ऐसे शख्‍स की छवि दिमाग में आती है जिसकी बराबरी कभी कोई नहीं कर सका। कभी एपीजे तो कभी मिसाइल मैन के नाम से संबोधित किए जाने वाले अब्‍दुल कलाम की सादगी का हर कोई कायल था। उनकी सादगी में उस वक्‍त भी कोई बदलाव नहीं आया जब उन्‍होंने देश के राष्‍ट्रपति का पदभार संभाला था। राष्‍ट्रपति पद पर रहते हुए भी वह भारत को मिसाइल तकनीक में कैसे और अधिक विकसित बना सकते हैं, के लिए वैज्ञानिकों से चर्चा करते थे। अपने से मिलने वालों को वो कभी निराष नहीं करते थे। हर किसी का सम्‍मान करना और उसका उत्‍साह बढ़ाना उनसे जुड़े कुछ अहम बिंदुओं में से एक था।

वहां मौजूद स्‍टूडेंट्स उनकी एक झलक पाने और उनसे हाथ मिलाने के लिए लालायित दिखाई दिए थे। लेकिन किसी को भी एपीजे ने निराश नहीं किया। वह जहां जाते थे हर जगह एक ही नजारा दिखाई देता था। वह अपने आगमन पर प्रोटोकॉल का भी ध्‍यान नहीं रखते थे। उनके बारे में एक बात बड़ी प्रचलित थी और वह ये कि जब उनकी गाड़ी रुकती थी वह तुरंत गेट खोलकर जहां जाना होता था उस ओर निकल पड़ते थे।