जब चीन के 1500 सैनिकों के लिए काल बन गई थी शैतान की छोटी सी टुकड़ी…

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नई दिल्‍ली  1962 में हुई चीन से हुए युद्ध में भारत को काफी कुछ नुकसान उठाना पड़ा था। लेकिन इसके बावजूद कई मोर्चों पर भारतीय जांबाज ने अपनी उत्‍कृष्‍ठ वीरता का परिचय देते हुए दुश्‍मन पर काल बनकर टूटे थे। इनमें से ही एक मोर्चा था चुशूल की पहाडि़यां। यह जम्‍मू कश्‍मीर के लद्दाख में स्थित है। रेजांग ला यहां का एक दर्रा है, जहां से चुशूल घाटी में प्रवेश मिलता है। यह वही पहाडि़यां थी जहां 17-18 नवंबर 1962 को मेजर शैतान सिंह की छोटी सी टुकड़ी तैनात थी और दुश्‍मन पर अपनी पैनी निगाह रखे हुए थी। भारतीय जांबाजों के पास गोलाबारूद कम था, चीन के मुकाबले टुकड़ी भी बेहद छोटी थी, लेकिन उनका हौसला चट्टान की तरह मजबूत था। इस जगह पर भारतीय सेना के जांबाजों ने चीन के सैनिकों के दांत खट्टे कर दिए थे।