जम्‍मू कश्मीर पर बिहार में गरमाई सियासत: BJP के विरोध में JDU, कांग्रेस-RJD ने उठाए सवाल …

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amit shah

जम्‍मू-कश्‍मीर के मसले पर बिहार में भी सियासत गरमाती दिख रही है। इस पर राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD)
व कांग्रेस (Congress) ने सवाल उठाए हैं तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसका समर्थन किया है। दूसरी
अोर राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में बीजेपी के सहयोगी जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने इस मुद्दे पर
बीजेपी का विरोध किया है। हिंदुस्‍तानी अवाम मोर्चा (HAM) के मुखिया व पूर्व मुख्‍यमंत्री जीतनराम मांझी
(Jitan Ram Manjhi) ने इसे आजाद भारत का काला अध्‍याय बताया तो पपपू यादव (Pappu Yadav)
ने इसे हिटलरशाही करार दिया।

विदित हो कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने जम्‍मू कश्‍मीर में लागू संविधान के अनुच्‍छेद 370 के प्रावधानों
में बदलाव का फैसला किया है। राष्‍ट्रपति ने इस प्रस्‍ताव को मंजूरी दे दी है। सरकार ने आर्टिकिल 35ए
(35A) को भी हटा दिया है। साथ ही जम्‍मू-कश्‍मीर को दिल्‍ली की तर्ज पर एक केंद्र शासित प्रदेश बनाते
हुए लद्दाख को उससे अलग करते हुए अलग प्रदेश का दर्जा दिया गया है।

जम्‍मू कश्‍मीर के मुद्दे पर केंद्र सरकार के फैसले के बाद एनडीए में बीजेपी के सहयोगी जेडीयू के राष्‍ट्रीय
महासचिव केसी त्‍यागी ने बड़ा बड़ा बयान दिया है। त्‍यागी ने कहा है कि उनकी पार्टी अपने पुरानेे स्‍टैंड
पर कायम है। जेडीयू जम्‍मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 हटाने के खिलाफ है। केसी त्‍यागी ने कहा कि जेडीयू
समाजवाद की डॉ. लोहिया की परंपरा की वाहक है।

लोहिया अनुच्‍छेद 370 के समर्थक थे। एनडीए के गठन के समय जॉर्ज फर्नांडिस ने भी अनुच्‍छेद 370
कायम रखने का प्रस्‍ताव रख था। हम लाहिया व जॉर्ज की परंपरा के वाहक हैं।  केसी त्‍यागी ने कहा कि
पार्टी इस मुद्दे पर बीजेपी के साथ नहीं है, लेकिन इसका असर गठबंधन पर नहीं पड़ेगा।