जानिये कब-कब भाजपा के लिए शर्मिंदगी का कारण बन चुकी हैं साध्‍वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर …

0
0

भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने चुनाव प्रचार के दौरान नाथूराम गोडसे को देशभक्त

करार दिया है। हालांकि बाद में उन्‍होंने अपने बयान से किनारा कर लिया और इसके लिए माफी मांग ली।

साध्वी प्रज्ञा इससे पहले भी कई बाद भाजपा के लिए परेशानी का कारण बन चुकी हैं।

माफी मांगते हुए साध्‍वी ने कहा कि अगर बयान से किसी की भावनाएं आहत हुई हों तो मैं उसके लिए माफी मांगती हूं।

प्रज्ञा ने कहा कि गांधीजी ने जो देश के लिए किया, उसे भुलाया नहीं जा सकता। उनके बयान पर चुनाव आयोग ने भी

रिपोर्ट मांगी है।

देवास लोकसभा सीट पर 19 मई को चुनाव प्रचार के दौरान आगर मालवा रोडशो कर रही प्रज्ञा ने एक सवाल के

जवाब में कहा कि नाथूराम गोडसे देशभक्त थे, हैं और रहेंगे।

उन्होंने कहा, गोडसे को आतंकी बोलने वाले खुद के गिरेबां में झांककर देखें।

भाजपा ने साध्वी प्रज्ञा के बयान पर यह कहते हुए किनारा कर लिया है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का हत्यारा

(नाथूराम गोडसे) देशभक्त नहीं हो सकता है।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि साध्‍वी प्रज्ञा का बयान पूरे देश का अपमान है।

इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को माफी मांगनी चाहिए ।

सुरजेवाला ने कहा कि एक बात साफ हो गई कि भाजपाई गोडसे के सच्चे वंशज हैं। हिंसा की संस्कृति और शहीदों का

अपमान यह है भाजपाई डीएनए। साध्‍वी के बयान को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस नेता

दिग्विजय सिंह, नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के नेता उमर अब्दुल्ला ओर पीडीपी की नेता महबूबा मुफ्ती ने भी निशाना साधा था।

इससे पहले चुनाव के दौरान साध्‍वी प्रज्ञा ठाकुर कई और बयानों के लिए चर्चित हो चुकी हैं। उनके बयानों के कारण ही

चुनाव आयोग उनके खिलाफ 72 घंटे तक चुनाव प्रचार करने पर रोक लगा चुका है। अयोध्या में राम मंदिर और

महाराष्ट्र के शहीद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे को लेकर भी बयान दिया था। साध्वी प्रज्ञा ने कहा था कि

मुंबई हमले में शहीद हुए आइपीएस हेमंत करकरे को संन्यासियों का श्राप लगा और मेरे जेल जाने के करीब 45

दिन बाद ही वह 26/11 के मुंबई आतंकी हमले का शिकार हो गए। शहीद आइपीएस हेमंत करकरे को साध्वी ने

कथित तौर पर देशद्रोही कहा था।