जीएसटी मुआवजा स्कीम को जारी रखेगी सरकार, 2025 तक

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वर्ष 2022 में खत्म हो रही डेडलाइन के बाद भी जीएसटी के लागू होने के चलते
राजस्व की कमी से जूझ रहे राज्यों को अचानक वित्तीय झटकों का सामना न करना पड़े।
एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से यह जानकारी सामने आई है।

बैकस्टॉप सुविधा राज्यों को केंद्र के कर राजस्व के वार्षिक हस्तांतरण के माध्यम से मुआवजे को जारी
रखने में मदद करेगी, जिसके लिए 15वां वित्त आयोग एक खाका तैयार करेगा।
यह जानकारी दो अधिकारियों ने दी है। यह सिफारिश वर्ष 2025 तक राज्यों को
मुआवजा प्राप्त करने में मदद करेगी जब वित्त आयोग का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।

क्या होता है जीएसटी मुआवजा?

जानकारी के लिए आपको बता दें कि जीएसटी मुआवजा विधेयक में राज्यों को पांच साल के लिए
जीएसटी लागू होने के बाद राजस्व में हुई हानि के संबंध में केंद्र सरकार की ओर से मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है।

जीएसटी काउंसिल ने अपनी हालिया बैठक में नए साल पर उपभोक्ताओं को तोहफा देते हुए टीवी, टायर, सिनेमा के टिकट सहित कई वस्तुओं पर GST की दरों में कटौती की घोषणा की है। आम उपयोग की 33 वस्तुओं पर GST दर घटाई गई है। उनमें वे वस्तुएं शामिल हैं जिन पर पहले 28, 18 या 12 फीसद टैक्स वसूला जाता था, उन्हें अब निचली दरों में शामिल किया गया है। यानि कई उत्पादों को 5 फीसद GST दर तक की श्रेणी में लाया गया है। नई दरें 1 जनवरी, 2019 से लागू होंगी।