टापर को बुलाया ही नहीं, कम अंक वाले को दे दी नौकरी- खबर छपी तो शुरू हुई जांच…

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गोरखपुर  सहायक वाणिज्य प्रबंधक ग्रुप बी की 30 फीसद सीमित विभागीय प्रतिस्पर्धी परीक्षा (एलडीसीई) के अनुसूचित जाति वर्ग में जगतारा संगम ने सर्वाधिक 167 अंक पाए, जबकि चयन उस अभ्यर्थी का कर दिया गया था, जो लिखित परीक्षा में चौथे नंबर पर था।

इसका पर्दाफाश जगतारा को रेलवे द्वारा जारी की गई अंक पत्र की छाया प्रति से हुआ है। उसे यह छाया प्रति जागरण में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद हासिल हो सकी है। जगतारा ने साक्षात्कार के बाद हुई चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़ा किया था। उसका कहना था कि जब उसे सर्वाधिक अंक प्राप्त हुए तो उसे साक्षात्कार के लिए क्यों नहीं बुलाया।

लिखित परीक्षा की अंक पत्र की छाया प्रति के मुताबिक अभ्यर्थी जगतारा संगम ने दोनों प्रश्न पत्रों में मिलाकर 167 अंक प्राप्त किए हैं। जबकि उनसे कम अंक हासिल करने वाले सात अभ्यर्थियों को बुलाया गया। यही नहीं साक्षात्कार में जिस अभ्यर्थी का चयन हुआ है, उससे दो अभ्यर्थियों ने लिखित परीक्षा में अधिक अंक हासिल किए हैं। अभ्यर्थी जगतारा ने आरटीआइ के तहत दस अगस्त 2018 को परीक्षा के अंक पत्र की छाया प्रति की मांग की थी। एक माह में सूचना नहीं मिली तो अभ्यर्थी ने 19 सितंबर को अपील भी कर दी। फिलहाल, मामला प्रकाश में आने के बाद जांच चल रही है।