दक्षिण चीन सागर में चीन की चालबाजी, दूसरों से करवा रहा विदेशी जहाजों पर Laser Attack ….

0
2

दक्षिण चीन सागर पर चीन अब और अधिक आक्रामक हो गया है। पहली बार उसने यहां के हवाई क्षेत्र में उड़ रहे

एक हेलीकॉप्‍टर को निशाना बनाया है। यह हेलीकॉप्‍टर आस्‍ट्रेलियन मिलिट्री का था। इस घटना के बाद ए‍हतियातन जांच के

लिए हेलीकॉप्‍टर और क्रू मैंबर्स को ग्राउंड पर उतार लिया गया है।

यह घटना उस वक्‍त घटी जब आस्‍ट्रेलियाई हेलीकॉप्‍टर एक मछली पकड़ने वाले जहाज के ऊपर से गुजर रहा था।

इस घटना की जानकारी आस्‍ट्रेलियन स्‍ट्रेटेजिक पॉलिसी इंस्टिट्यूट के यूआन ग्राहम ने स्‍ट्रे‍टेजिक ब्‍लॉग पर दी है।

सीएनएन से बातचीत के दौरान उन्‍होंने बताया कि वह इस घटना के गवाह नहीं हैं लेकिन पायलट ने उन्‍हें बताया था कि

इस तरह की घटना पहली बार नहीं हुई है।

पहले भी कई बार दक्षिण चीन सागर के ऊपर से उड़ान के दौरान इस तरह का हमला किया गया है।

ग्राहम रॉयल आस्‍ट्रेलियन नेवी के एएमएएस केनबरा पर तैनात हैं।

यह हिंद महासागर और दक्षिण चीन सागर के मिशन पर है जो अब लगभग खत्‍म होने वाला है।

ग्राहम की रिपोर्ट पर फिलहाल आस्‍ट्रलिया की सेना के अधिकारी विचार कर रहे हैं।

कहा जा रहा है कि इस समुद्री इलाके में मौजूद मछली पकड़ने की बड़ी नौकाएं भी इस तरह के लेजर वेपन का

इस्‍तेमाल करते हैं।

वे इनका इस्‍तेमाल दूसरे जहाजों को आगाह करने या फिर उनके अधिक करीब आ जाने पर करते हैं।

इसका मकसद जहाजों को टकराने से होने वाली दुर्घटना से बचाना है।

ग्राहम के मुताबिक केनबरा समेत दूसरे आस्‍ट्रेलिया शिप जब भी दक्षिण चीन सागर के मिशन पर होते हैं तो कभी भी

चाइनीज मिलिट्री द्वारा कब्‍जाए गए द्वीपों की तरफ नहीं जाते हैं।

यह विवाद से बचने का भी एक तरीका है।

हालांकि इस मिशन के दौरान आस्‍ट्रेलियाई मिलिट्री शिप का तालमेल वहां मौजूद चीन मिलिट्री शिप से बना रहता है।

आपको बता दें कि 1.3 मिलियन स्‍क्‍वायर मील तक फैले दक्षिण चीन सागर में चीन अपना कब्‍जा जताता रहा है।

इसके कई द्वीपों पर चीन ने न सिर्फ कब्‍जा किया हुआ है बल्कि इन पर सेना के लिए निर्माण भी किया हुआ है।

आपको यहां पर ये भी बता दें कि इस विवादित क्षेत्र पर कई दूसरे देश भी अपना कब्‍जा बताते हैं।