निर्यातकों की लागत में वृद्धि न होने के कारण मंद पड़ी निर्यात वृद्धि

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नई दिल्ली। बीते पांच-छह महीने से भले ही निर्यात में वृद्धि की रफ्तार दोहरे अंक में बनी हुई है, लेकिन यह और तेज हो सकती थी बशर्ते निर्यातकों की लागत में वृद्धि न हुई होती। बैंकों से निर्यात कर्ज मिलने में आ रही मुश्किलों ने बीते दस महीने में निर्यात लागत पांच से छह फीसद बढ़ा दी है। निर्यातकों का मानना है कि यदि बैंक कर्ज मिलने में सहूलियत हो तो निर्यात में वृद्धि की दर फीसद तक पहुंच सकती है।

निर्यातकों के संगठन फियो का मानना है कि बैंकों से कर्ज मिलने में सबसे ज्यादा दिक्कत छोटे और मझोले निर्यातकों को आ रही है। पांच करोड़ रुपये की कर्ज लिमिट लेने के लिए इतनी ही राशि की जमानत देनी पड़ रही है। इसके चलते निर्यातकों को फंडिंग की दिक्कत आ रही है जिसकी वजह से वे वैश्विक बाजारों से नए ऑर्डर भी नहीं ले पा रहे हैं।

फियो के प्रेसिडेंट गणोश कुमार गुप्ता ने पूछे जाने पर स्वीकार किया कि इस साल जनवरी के बाद बैंकों से निर्यात कर्ज मिलने में दिक्कत आ रही है। दूसरी तरफ रुपये की घटती कीमत भी मैन्यूफैक्चरिंग निर्यातकों को परेशान कर रही है जिसकी वजह से उनकी लागत में और वृद्धि हो रही है। गुप्ता ने कहा कि इसके बावजूद देश के निर्यात में सकारात्मक वृद्धि दर बनी हुई है। अभी चालू वित्त वर्ष में निर्यात वृद्धि की औसत दर 18 फीसद के आसपास रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। लेकिन अगर निर्यात कर्ज का प्रवाह बना रहे तो यह फीसद तक जा सकती है।

फियो के मुताबिक वित्त वर्ष 2017-18 में निर्यात कर्ज में 26.4 फीसद की कमी आई थी। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून की अवधि में यह कमी 21.1 फीसद की रही। लेकिन केवल जून में बैंकों से मिलने वाले निर्यात कर्ज में 42.7 फीसद की कमी आई है। फियो का मानना है कि निर्यात क्षेत्र के लिए बैंकों से कर्ज का प्रवाह मौजूदा समय में इस क्षेत्र के लिए सबसे बड़ी चिंता है।

निर्यातकों की फंडिंग की समस्या में जीएसटी का रिफंड भी दिक्कत बना हुआ है। केंद्रीय स्तर पर तो सरकार ने विशेष पखवाड़ों का आयोजन कर इस दिक्कत काफी हद तक दूर की है। लेकिन राज्यों के स्तर पर निर्यातकों का करीब 15000 करोड़ रुपये का रिफंड अभी भी फंसा हुआ है। गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में फेडरेशन ने वाणिज्य मंत्रालय से कहा है कि वह राज्य सरकारों से बात करके बकाया रिफंड के भुगतान की व्यवस्था करे।