फिर साथ आ सकते हैं डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग,

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अमेरिका और उत्तर कोरिया जल्द ही तीसरी परमाणु शिखर वार्ता के लिए अहम बैठक कर सकते हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से जारी किए गए बयान के बाद उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग ने भी बैठक की संभावना पर हामी भरी है.

अमेरिका और उत्तर कोरिया जल्द ही तीसरी परमाणु शिखर वार्ता के लिए साथ आ सकते हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह उत्तर कोरिया के नेता के साथ तीसरी संभावित परमाणु शिखर वार्ता पर विचार कर रहे हैं. वहीं उत्तरी कोरिया के नेता किम जोंग उन ने बयान जारी किया है कि अगर साल के अंत तक अमेरिका पारस्परिक तौर पर स्वीकार होने वाले समझौते की पेशकश करता है तो वे इस तीसरी शिखर वार्ता करने को तैयार हैं.

ओवल ऑफिस में गुरुवार को दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जेइ-इन के साथ बातचीत में ट्रंप ने कहा कि हम उत्तर कोरिया और किम जोंग उन के साथ आगे की संभावित बैठकों के बारे चर्चा करेंगे.

वहीं, उत्तर कोरिया की संसद के सत्र के दौरान किम ने अपने भाषण में कहा कि फरवरी में ट्रंप के साथ शिखर वार्ता इसलिए नाकामयाब रही क्योंकि अमेरिका ने एकतरफा मांगें रखी थी, लेकिन निजी तौर पर अमेरिका के राष्ट्रपति के साथ उनके रिश्ते बेहतर हैं.

शुक्रवार को प्योंगयांग की आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने बताया कि किम स्टेट अफेयर्स कमीशन के दोबारा अध्यक्ष चुने गए हैं और फैसले लेने के मामले में यह देश की टॉप यूनिट है.

वहीं, अमेरिका ने इस शिखर वार्ता की नाकामयाबी रहने के पीछे की वजह बताते हुए कहा था

कि उत्तर कोरिया प्रतिबंधों से बड़ी राहत की मांग कर रहा था,

लेकिन उसके बदले सीमित निरस्त्रीकरण कदम उठाना चाहता था.

बता दें कि जून 2018 में सिंगापुर में हुई ट्रंप और किम के बीच पहली शिखर वार्ता कामयाब रही थी.

दूसरी शिखर वार्ता हनोई में फरवरी, 2019 में हुई थी, हालांकि,

इसमें दोनों देशों के बीच कोई समझौता नहीं हो सका था.

अब दोनों देशों के नेताओं के बीच तीसरी शिखर वार्ता होने की संभावना है.

डोनाल्ड ट्रंप और मून जेइ-इन, दोनों ही उत्तर कोरिया के साथ बातचीत के

जरिये मामले को सुलझाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं,

लेकिन वियतनाम में हुई शिखर वार्ता की नाकामयाबी दोनों देशों के लिए एक झटका था,

जिससे अभी तक कोई नहीं उबर पाया है.

व्हाइट हाउस में ट्रंप ने जोर देकर कहा कि उत्तर कोरिया के साथ गतिरोध

का शांतिपूर्ण समाधान मुमकिन है और अपनी निजी कूटनीति को लेकर उन्हें काफी उम्मीदें हैं.

ट्रंप ने कहा कि वह किम को बेहतर तरीके से जान गए हैं.

उनका सम्मान करते हैं और उम्मीद करते हैं कि समय के साथ-साथ बहुत ही अच्छी चीजें होंगी.