बंगाल में 40.5 फीसद महिला उम्मीदवार उतारेगी टीएमसी

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पश्चिम बंगाल की सीएम और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा है कि तृणमूल कांग्रेस

आगामी लोकसभा चुनावों में 40.5 फीसद महिला उम्मीदवार मैदान में उतारेगी। यह हमारे लिए गर्व का क्षण है।

गौरतलब है कि इससे पहले ओडिशा के सीएम व बीजू जनता दल (बीजद) के सुप्रीमो नवीन पटनायक 33 फीसद

टिकट महिलाओं को देने का एलान कर चुके हैं।

लोकसभा चुनाव 2019 में पश्चिम बंगाल की 42 लोकसभा सीटों के लिए तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों की घोषणा

मंगलवार को होगी। पार्टी प्रमुख व प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास पर मंगलवार को होने वाली चुनाव

समिति की बैठक में चर्चा के बाद वह खुद सूची जारी करेंगी।पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार 12 मार्च को पार्टी

प्रमुख के आवास पर चुनाव समिति की बैठक बुलाई गई है। इसमें आगामी लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की घोषणा

होगी। उधर, सूत्रों की मानें तो 2019 लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस 10 से 12 नए चेहरों को मौका दे सकती हैं।

2014 लोकसभा चुनाव में हारने वाले प्रत्याशियों के साथ कुछ निवर्तमान सांसदों के टिकट भी कट सकते हैं।

पार्टी नेतृत्व ने इस साल वर्तमान सांसदों के सदन के अंदर व बाहर के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के बाद ही उन्हें

टिकट देने का फैसला लिया है। एक वरिष्ठ तृणमूल नेता ने बताया कि फिलहाल तृणमूल के 34 सांसद हैं, जिसमें से

दो को पार्टी से बाहर निकाल दिया गया है। उनकी जगह पर नए लोगों को टिकट मिलना तय है। गौरतलब है कि

विष्णुपुर सांसद सौमित्र खां व बोलपुर सांसद अनुपम हाजरा को पार्टी खिलाफ गतिविधियों के लिए निष्कासित कर दिया गया

है। इसके साथ उन दो सेलिब्रिटी सांसदों के टिकट कटना भी तय है। साथ ही 2014 में जिन सीटों पर पार्टी हारी थी वहां

के उम्मीदवार भी बदले जाएंगे। कुछ सांसदों के प्रदर्शन पर भी सवाल उठ रहे हैं, लिहाजा बदलाव हो सकते हैं।

हालांकि, अंतिम फैसला तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी का होगा।

भाजपा से कड़ी चुनौती राज्य में भाजपा का प्रभाव विस्तार तेजी से बढ़ा है। पिछले चुनाव में आसनसोल व दार्जिलिंग

की सीट पर भाजपा ने कब्जा भी किया था। इन दोनों सीट पर इस बार तृणमूल की नजर है। इस लोकसभा चुनाव के

लिए भाजपा नेतृत्व ने बंगाल पर नजरें गड़ा दी हैं, पिछले कुछ महीनों से राज्य में जारी भाजपा के राजनीतिक कार्यक्रम

से यह स्पष्ट हो चुका है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी प्रदेश भाजपा को 23 सीटों का लक्ष्य दे रखा है।

ऐसे में लोकसभा चुनाव 2019 के लिए पश्चिम बंगाल की 42 सीटों पर होने वाली राजनीतिक लड़ाई का पिछले सभी

रिकार्ड तोड़ना लगभग तय है। उत्तर प्रदेश(80) व महाराष्ट्र(48) के बाद पश्चिम बंगाल(42) लोकसभा सीटों के लिहाज

से तीसरा सबसे बड़ा राज्य है।