बिहार में इफ्तार पार्टी के बहाने… लिखे जा रहे नए राजनीतिक फसाने, जानिए …..

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बिहार की राजधानी पटना में आजकल राजनीतिक दलों द्वारा दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया जा रहा है,

जिसमें राजनीति के कुछ बनते-बिगड़ते समीकरण तैयार हो रहे हैं, जो राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव

से पहले बदलाव का संकेत दे रहे हैं।

जैसे-जदयू की इफ्तार पार्टी में जीतनराम मांझी का शामिल होना और फिर हम की इफ्तार पार्टी में सीएम नीतीश का जाना।

राबड़ी की पार्टी से तेजस्वी का गायब रहना और काफी दिनों बाद तेजप्रताप का मां के घर आना।

इन सबके बीच बड़ी बात ये देखने को मिली कि भाजपा की इफ्तार पार्टी में जदयू शामिल नहीं हुआ तो वहीं जदयू की

तरफ से आयोजित पार्टी में भाजपा का कोई नेता नहीं पहुंचा।

बता दें कि पीएम मोदी की कैबिनेट में सांकेतिक भागीदारी की बात से नाखुश जेडीयू के किसी नेता ने रविवार को

आयोजित बीजेपी की इफ्तार पार्टी में शिरकत नहीं की थी।

हालांकि, मीडिया ने जेडीयू की गैरहाजिरी पर सवाल किए तो बीजेपी इन सवालों को टालती नजर आई।

दूसरी ओर, बीजेपी ने जेडीयू को वही तेवर दिखाए और जेडीयू की इफ्तार पार्टी में बीजेपी का भी कोई नेता शामिल

नहीं हुआ।

हालांकि, उपमुख्यमंत्री और बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि इफ्तार का कोई राजनीतिक मतलब नहीं

निकालना चाहिए।