बुरहानपुर में लगेगा 50वां मुमताज महल फेस्टिवल, 16-17 जून को आयोजन …

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मुगल सम्राट शाहजहां एवं मुमताज महल के प्रेम के साक्षी रहे ऐतिहासिक शहर बुरहानपुर में एक बार फिर उनके इश्क

की बातें होंगी।

दरअसल, 50वां मुमताज महल फेस्टिवल 16 व 17 जून को आयोजित किया जाएगा।

इस मौके पर लगने वाली प्रदर्शनी में ब्रिटिशकाल, फारुखी, मराठा, मुगलकाल की नायाब धरोहरों को रखा जाएगा।

इतिहास के जानकार एवं मुमताज महल फेस्टिवल के आयोजक शहजादा मोहम्मद आसिफ खान ने बताया कि शाहजहां

की बेगम मुमताज महल ईरान की रहने वाली थीं और दिल्ली से शाहजहां के साथ बुरहानपुर में आकर बसी थीं।

मुमताज महल का असली नाम अर्जुमंद बानो था।

उनके ससुर मुगल सम्राट जहांगीर ने उन्हें मुमताज महल का उपनाम दिया था।

सात जून 1631 को 14वीं संतान को जन्म देते समय मुमताज महल की मौत बुरहानपुर के शाही महल में हुई थी।

इसके बाद उनका शव आहूखाना ले जाया गया।

आहूखाना के समीप ही पाइन बाग में मुमताज के शव को एक विशेष ताबूत में कब्र में रखा गया।

ताबूत को उस समय के विशेष लेप व दवाओं से संरक्षित किया गया था।

यहां छह माह कब्र में शव रखा रहा।