बोइंग के आने से विमानों की दुनिया में आई थी क्रांति, जानें कौन सा था पहला बड़ा बोइंग …

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आपको शायद ही पता हो कि दुनिया का सबसे बड़ा बोइंग 777 ऐसा पहला विमान था जिसका पूरा निर्माण और डिजायन

कम्प्यूटर द्वारा तैयार की गई थी।

कम्प्यूटर की मदद से तैयार किया गया ये पहला कामर्शियल विमान था।

इसमें एक साथ 300 से अधिक यात्रियों के बैठने की व्यवस्था भी थी।

2000 के दशक के शुरू से अंत तक, 777 अपने निर्माता के सबसे ज्यादा बिकने वाले मॉडलों में से एक के रूप

में उभरा है।

ईंधन की बढ़ती लागत की वजह से एयरलाइनों ने अन्य चौड़ी संरचना वाले जेटों की तुलना में विमान कंपनियों ने ऐसे

विमानों को साथ लेने की पहला की जिसमें लम्बी दूरी वाले पार-महासागरीय मार्गों के लिए उत्तरोत्तर इस तरह के

विमानों का इस्तेमाल किया जा सके।

दुनिया के सबसे बड़े ट्वीनजेट के तौर पर बोइंग 777 की अपनी पहचान है।

मॉडल के आधार पर इसके उड़ान की सीमा 5,235 से 9,380 समुद्री मील (9,695 से 17,372 कि॰मी॰) है।

इसकी विशिष्ट सुविधाओं में किसी भी विमान के सबसे अधिक व्यास वाले टर्बोफैन इंजन, हर मुख्य लैंडिंग गियर में

6-6 पहिए, एक वृत्ताकार विमान और ब्लेड के आकार वाला शंक्वाकार पूंछ शामिल है।

बोइंग 777 बोइंग कमर्शियल एयरप्लेन्स की ओर से बनाया गया लम्बी-श्रृंखला, चौड़ी-संरचना और जुड़वां-इंजन वाला

एक जेट एयरलाइनर है।

यह विश्व का सबसे बड़ा ट्विनजेट है जिसे आम तौर पर “ट्रिपल सेवन” के रूप में जाना जाता है।

जेट एयरवेज ने सबसे पहले इससे यात्रियों को पहुंचाने का काम शुरू किया था। 777 को दो अलग-अलग केटेगरी में

बांटा गया।

पहली केटेगरी 777-200 मॉडल की बनाई गई, इससे 1995 में सबसे पहली सेवा शुरू की गई,

उसके बाद 1997 में इसकी विस्तृत श्रृंखला 777-200ईआर का निर्माण हुआ; इसकी अगली श्रृंखला 777-300 ने

1998 में सेवा प्रदान करना शुरू किया जो 33.3 फीट (10.1 मी॰) अधिक लम्बा है।