ब्राजील ने नेटफ्लिक्स से फ़िल्म हटाने को कहा, जीसस क्राइस्ट पर आपत्तिज़नक कंटेंट को लेकर विवाद

0
1
ब्राजील ने नेटफ्लिक्स से फ़िल्म हटाने को कहा, जीसस क्राइस्ट पर आपत्तिज़नक कंटेंट को लेकर विवाद

नेटफ्लिक्स को ब्राजील में एक बड़ा झटका लगा। जीसस क्राइस्ट को लेकर बनी फ़िल्म को ब्राजील में हटाने के
लिए कहा गया है। हाल ही में करीब 2 मिलियन लोगों ने एक याचिका साइन कर फ़िल्म पर बैन लगाने की मांग की थी। ब्राजील के एक जज ने नेटफ्लिक्स से फ़िल्म ‘द फर्स्ट टेम्पटेशन ऑफ़ क्राइस्ट’ को फिलहाल प्लेटफॉर्म से
हटाने को कहा है। फ़िल्म पर जीसस क्राइस को लेकर आपत्तिजनक बातें दिखाने का आरोप लगा है।

बीसीसी में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, जज ने नेटफ्लिक्स फ़िल्म को हटाने की बात करते हुए कहा, ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार … पूर्ण नहीं है।’ हालांकि, अभी बैन अस्थाई रूप से लगाया गया है। यह बैन तब तक है, जब तक कि अंतिम निर्णय नहीं आता है।

क्या है मामला

असल मामला जीसस क्राइस्ट के गलत चित्रण को लेकर है। लोग इससे काफी आहत है।
इसमें सिर्फ जीसस क्राइस्ट ही नहीं, बल्कि मदर मैरी को लेकर भी आपत्तिजनक बातें दिखाई गई हैं।
हाल ही में  इंडियन क्रिश्चियन वॉइस के अध्यक्ष अब्राह्म मथाई ने नेटफ्लिक्स के सीईओ को खुला लिखा था।
इसमें उन्होंने फ़िल्म को वल्गर और अपमानजनक बताया था। इसके अलावा उन्होंने फ़िल्म को ठेस पहुंचाने वाला भी बताया था।

कौन है मेकर्स

‘द फर्स्ट टेम्पटेशन ऑफ़ क्राइस्ट’ को स्केच कॉमेडी करने वाले ग्रुप ‘पोर्टा डॉस फंडोस’ ने बनाया है।
यह ग्रुप वास्तव पर यूट्यूब पर कॉमेडी वीडियो बनाती है। यूट्यूब पर इसके 16.2 मिलियन स्क्राइबर हैं।
वहीं, फेसबुक पर 9.3 मिलियन फॉलोवर हैं। कुछ समय पहले मेकर्स ने इसको लेकर एक सफाई दी थी।
याहू एंटरटेंनमेंट के हवाले से मेकर्स ने कहा,’पोर्टा डॉस फंडोस हमारे समाज और विश्वासों के सबसे
विविध सांस्कृतिक विषयों पर व्यंग्य के माध्यम से कलात्मक स्वतंत्रता और हास्य को महत्व देते हैं।
लोकतांत्रिक देश के निर्माण के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता आवश्यक है।’

बैन पर नहीं कोई जवाब

फ़िल्म के बैन लगने के बाद से किसी ने भी कोई टिप्पणी नहीं की है। फैसले पर न तो नेटफ्लिक्स और न ही पोर्टा डॉस फंडोस ने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।