ब्लड टेस्ट की नहीं पड़ेगी जरूरत, कुत्ता सूंघकर ही बता देगा आपको मलेरिया है या नहीं

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नई दिल्ली , कुत्ते की नाक मलेरिया के खिलाफ लड़ाई में एक शक्तिशाली हथियार बन सकती है। अमेरिकन सोसायटी ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन एंड हाइजीन के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन के मुताबिक बिना लक्षण के कुत्ते मोजे को सूंघकर बता सकते हैं कि व्यक्ति को मलेरिया है। कुत्तों में सूंघने की क्षमता मनुष्य के मुकाबले एक हजार गुना अधिक होती है। इसके नतीजतन वह मलेरिया संक्रमित व्यक्ति की सांसों और उसकी त्वचा से पैदा होने वाली गंध से पहचान कर सकता है। यह तरीका भविष्य में काफी किफायती साबित होगा।

इसके बाद 30 मलेरिया संक्रमित बच्चों और 145 सुरक्षित बच्चों के मोजों का इस्तेमाल किया गया। शोधकर्ताओं ने दोनों प्रकार के मोजों को दो अलग-अलग बॉक्स में रख दिया। इसके बाद कुत्तों ने बॉक्स में रखे मोजों के सूंघना शुरू कर दिया। थोड़ी देर बाद चौकाने वाले नतीजे सामने आए। 70 फीसद मोजे मलेरिया संक्रमित बच्चों के थे। वहीं 90 फीसद मोजे गैर मलेरिया संक्रमित बच्चों के निकले।

इनमें भी महारत हासिल
न केवल मलेरिया कुत्ते प्रोस्टेट कैंसर, थायराइड कैंसर और मधुमेह जैसी जानलेवा बीमारियों का भी सूंघकर सटीकता से पता लगा सकते हैं।

कहां है भारत
भारत में ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, त्रिपुरा और मेघालय जैसे पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर राज्यों में मलेरिया के ज्यादा मामले सामने आते हैं। इन राज्यों में बड़ी आबादी पहाड़ी और वन्य क्षेत्रों में बसती है, जहां इसका जोखिम ज्यादा है।

क्या है मलेरिया
मलेरिया प्लाज्मोडियम नाम के पैरासाइट से होने वाली बीमारी है। यह मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से होता है। ये मच्‍छर गंदे पानी में पनपता है। आमतौर पर मलेरिया के मच्छर रात में ही ज्यादा काटते हैं। कुछ मामलों में मलेरिया अंदर ही अंदर बढ़ता रहता है। ऐसे में बुखार ज्यादा न होकर कमजोरी होने लगती है और एक स्टेज पर मरीज को हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है।