माना जा रहा है कि सरकार वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही में खर्च में कटौती कर सकती है।

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गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल से नवंबर के बीच देश का राजकोषीय घाटा 7.17 लाख करोड़ रुपये रहा है,
जो बजट लक्ष्य का 114.8 फीसद है।

वित्त वर्ष के पहले आठ महीनों में टैक्स से कुल आमदनी 7.32 लाख करोड़ रुपये हुई।
मौजूदा आंकड़ों के आधार पर माना जा रहा है कि सरकार के लिए राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पूरा करना मुश्किल होगा।

सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी के मुकाबले 3.3 फीसद घाटे का लक्ष्य रखा है। माना जा रहा है
कि सरकार वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही में खर्च में कटौती कर सकती है।
दूसरी तिमाही में देश की जीडीपी 7.1 फीसद रही है।

सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी के मुकाबले 3.3 फीसद घाटे का लक्ष्य रखा है। माना जा रहा है
कि सरकार वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही में खर्च में कटौती कर सकती है। दूसरी तिमाही में देश की जीडीपी 7.1 फीसद रही है।