मिनिमम बैलेंस: SBI ने कहा- हमने चार्जेस में की है 75% की कटौती ?

0
23

बैंकों की तरफ से 5 हजार करोड़ रुपये मिनिमम बैलेंस चार्ज के तौर पर वसूले गए हैं. इसके बाद एसबीआई ने कहा है कि उसने इसी साल अप्रैल में मिनिमम बैलेंस की अनिवार्यता को 40 फीसदी कम कर दिया है.

बचत खाते पर मिनिमम बैलेंस के तौर पर बैंकों की तरफ से 5 हजार करोड़ रुपये वसूले जाने की रिपोर्ट सामने आने के बाद एसबीआई ने अपना पक्ष रखा है. देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने सोमवार को कहा कि उसने इसी साल अप्रैल से एवरेज मंथली बैलेंस में 40 फीसदी की कटौती की है.

एसबीआई ने सोमवार को एक ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. इस ट्वीट में बैंक ने यह भी बताया कि उसने मिनिमम बैलेंस चार्ज में भी 70 फीसदी तक कटौती की है. बैंक ने दावा किया कि उसकी तरफ से वसूला जाने वाला मिनिमम बैलेंस चार्ज काफी कम है. इसके साथ ही बैंक ने बताया कि उसके 42.5 करोड़ बचत खातों में से 42 फीसदी खाते वो हैं, जिन पर मि‍निमम बैलेंस नहीं लगता.
बता दें कि महानगरों में भारतीय स्टेट बैंक के बचत खातों में मिनिमम बैलेंस 3 हजार रुपये रखे जाने की शर्त है. वहीं, अर्द्ध शहरी क्षेत्रों में पने बचत खाते में 2 हजार रुपये का मिनिमम बैलेंस बनाए रखना जरूरी होता है. ग्रामीण भाग में यह अनिवार्यता 1000 रुपये की है.

एक दूसरे ट्वीट में भारतीय स्टेट बैंक ने यह भी बताया कि अगर आप मिनिमम बैलेंस के झंझट से बचना चाहते हैं, तो आप अपने रेग्युलर सेविंग्स अकाउंट को बेसिक सेविंग्स डिपोजिट अकाउंट में बदल सकते हैं.

एसबीआई के ट्वीट के मुताबिक अगर आप मिनिमम बैलेंस की शर्त से बचना चाहते हैं, तो आप अपने मौजूदा बचत खाते को कनवर्ट करा सकते हैं. इसके लिए आपको किसी भी तरह का चार्ज देने की जरूरत नहीं है.

आपको सिर्फ एसबीआई की शाखा में विजिट करना होगा और आप अपने मौजूदा खाते को आसानी से कनवर्ट करा सकते हैं. आपका खाता छोटे बचत खातों में बदला जाएगा. इसमें बेसिक सेविंग्स डिपोजिट अकाउंट, जन-धन खाता समेत अन्य जीरो बैलेंस अकाउंट शामिल हैं.