मूसा के ट्रेंड किए आतंकियों ने ही फेंके थे मकसूदां थाने में ग्रेनेड, दो और गिरफ्तार

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संवाद सहयोगी मकसूदां थाने में 14 सितंबर को हुए बम धमाकों को चार कश्मीरी आतंकियों ने ही अंजाम दिया था। उन्हें अंसार गजावत-उल-हिंद के सरगना जाकिर रशीद बट्ट उर्फ जाकिर मूसा ने ट्रेनिंग दी थी। इस मामले में पुलिस ने दो और आतंकियों को गिरफ्तार किया है, जो सेंट सोल्जर इंस्टीट्यूट से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे।

उन्होंने पूछताछ में बताया कि उनका निशाना विधिपुर के पास स्थित सीआरपीएफ व आइटीबीपी का कैंपस था। उन्होंने वहां की रेकी भी की थी, लेकिन भारी सुरक्षा व मुख्य मार्ग से कैंपस की दूरी ज्यादा होने के चलते यह संभव नहीं लगा। लिहाजा उन्होंने मकसूदां थाने को ही निशाना बनाया। पुलिस ने सेंट सोल्जर इंस्टीट्यूट में सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे जिन दो और छात्रों को गिरफ्तार किया है उनमें 22 वर्षीय शाहिद कयूम और 23 वर्षीय फैजल बशीर शामिल हैं। उन्होंने दो अन्य साथियों रउफ अहमद उर्फ रउफ और मीर उमर रमजान उर्फ गाजी के साथ मकसूदां ब्लास्ट को अंजाम दिया। दोनों फरार हैं। गिरफ्तार छात्रों को अदालत में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया गया है। उनसे पूछताछ की जाएगी।

गौरतलब है कि दैनिक जागरण के 13 अक्टूबर के खुलासे के बाद पुलिस को इस मामले में लीड मिली थी। इसके बाद 3 नंबर को दैनिक जागरण ने खुलासा किया था कि थाने में ब्लास्ट कश्मीरी छात्रों ने ही किया था।

पुलिस कमिश्नर जीपीएस भुल्लर और काउंटर इंटेलीजेंस के एआइजी एचपीएस खख ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कयूम और बशीर करीब दो साल से जालंधर में पढ़ रहे थे। मकसूदां में ही दोनों एक पीजी में रहते थे। दोनों मूसा के साथी हैं। मूसा और उसके राइट हैंड आमिर ने ही दोनों को कश्मीर में आतंकी ट्रेनिंग दी थी। उनके साथी रउफ और मीर कश्मीर में रहते हैं। डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने बताया कि वारदात से एक दिन पहले 13 सितंबर को रउफ और मीर कश्मीर से हवाई जहाज के जरिए मोहाली पहुंचे। वहां से वे बस के जरिए जालंधर आए और मकसूदां चौक पर दोनों कयूम और बशीर से मिले। चारों ने मकसूदां के पीजी में एक साथ रात गुजारी।

वारदात वाले दिन 14 सितंबर को चारों ने साढ़े चार से साढ़े पांच बजे तक रेकी की। इसके बाद 7.40 मिनट पर चारों ने चार हैंड ग्रेनेड थाने में फेंके और पटेल चौक के रास्ते सीधा बस स्टैंड पहुंचे। वहां से दो जम्मू कश्मीर के लिए रवाना हो गए। भुल्लर ने बताया कि तीन नवंबर को अवंतिपोरा, कश्मीर से बशीर को और 4 नवंबर को पठानकोट चौक के पास से कयूम को गिरफ्तार कर लिया। कश्मीर में ही हमले की साजिश रची गई थी और दिन तय किया गया। इस काम में कुछ और लोग भी शामिल हैं, लेकिन फिलहाल पुलिस ने इस बात का खुलासा नहीं किया।

कयूम और बशीर लंबे समय से जालंधर में रह रहे थे। रउफ और गाजी कश्मीर से आए थे। हवाई यात्रा कर आए गाजी व रउफ अपने साथ ग्रेनेड नहीं ला सकते थे। ऐसे में कयूम और बशीर ने जालंधर में ही ग्रेनेड का इंतजाम किया। पटियाला से गिरफ्तार आतंकी शबनमजीत सिंह से बम सप्लाई होने की आशंका के चलते पुलिस अब उसे भी जालंधर लाने की तैयारी कर रही है। उसे जालंधर लाकर यह पता लगाया जाएगा कि कहीं उसने ही तो आतंकियों को बम सप्लाई तो नहीं किए। इस मामले में पुलिस पहले भी कश्मीरी आतंकियों और खालिस्तानियों का ¨लक जोड़ चुकी है।