यूपी, बिहार समेत छह राज्यों में MBBS से ज्यादा आयुष डॉक्टर …

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उत्तर प्रदेश, बिहार समेत छह राज्यों में एलोपैथिक (एमबीबीएस) डॉक्टरों से ज्यादा आयुष चिकित्सा पैथियों के डॉक्टर हो गए हैं।

बिहार में तो इनकी संख्या तीन गुना से भी ज्यादा है।

मध्य प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में भी एमबीबीएस कम आयुष डॉक्टर ज्यादा हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कुछ दिन पूर्व संसद में डॉक्टरों से संबंधित आंकड़े रखे थे जिनके विश्लेषण

से यह बात सामने आई है।

आयुष पैथी के तहत तीन पैथियों आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी के पंजीकृत चिकित्सकों के आंकड़े दिए गए हैं। आयुष में सिद्ध, योग एवं

प्राकृतिक चिकित्सा भी शामिल हैं लेकिन इनके पंजीकृत चिकित्सक बहुत कम हैं, उनके आंकड़े इसमें नहीं हैं।

इन आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि बिहार में एलोपैथी के कुछ पंजीकृत डॉक्टरों की संख्या 40849 है।

वहां आयुष डॉक्टर तीन गुना ज्यादा 136470 पंजीकृत हैं।

इनमें 96841 अकेले आयुर्वेद के हैं। 7123 यूनानी तथा 32506 होम्योपैथी के हैं।

इसी प्रकार उत्तर प्रदेश में एलोपैथी के 77549 डॉक्टर हैं जबकि आयुष पैथियों के 85489 हैं।

इनमें 37262 आयुर्वेद,13884 यूनानी तथा 34343 होम्योपैथी डॉक्टर हैं।

श में एलोपैथी के कुल पंजीकृत चिकित्सक 11.59 लाख हैं। जबकि आयुष पैथियों के 7.88 लाख हैं।

ये आंकड़े अब तक कुल पंजीकृत चिकित्सकों के हैं। सरकार के अनुसार इनमें से सेवा में 80 फीसदी डॉक्टरों के

होने का अनुमान है। इस प्रकार सक्रिय एलोपैथिक डॉक्टरों की संख्या 9.27 लाख तथा आयुष डॉक्टरों की 6.30 लाख होने का अनुमान है।

डब्ल्यूएचओ मानकों के अनुसार एक हजार आबादी पर एक चिकित्सक होना चाहिए। यदि एलोपैथिक चिकित्सकों की संख्या के आधार मानें

तो अभी 1456 लोगों पर एक डॉक्टर है। यदि आयुष के डॉक्टरों को भी जोड़ लिया जाए तो 867 लोगों पर एक डॉक्टर का अनुपात हो जाता है।