ये है हुंडई की ऐसी कार जो अपने पैरों पर अपने आप चल सकती हैं, आइये जाने…

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दक्षिण कोरिया की प्रमुख कार निर्माता कंपनी हुंडई आये दिन एक से बढ़कर एक तकनीकी और फीचर्स वाले वाहनों को पेश करती है। इस बार कंपनी ने लास वेगास में आयोजित सीईएस 2019 में एक बेहद ही अनोखे कार कॉन्सेप्ट को प्रदर्शित किया है। बेहद ही आकर्षक लुक और दमदार इंजन क्षमता से सजी इस कार की विशेषता ये है कि ये न केवल पहियों पर दौड़ सकती है बल्कि ये खुद अपने पैरों पर चल भी सकती है। ये पढ़कर आपको थोड़ी हैरानी हो रही होगी लेकिन ये बात पूरी तरह सत्य है।

कंपनी ने इस कार में पहियों के साथ साथ पैर भी लगाये हैं। जो कि खराब रास्तों पर आसानी से वॉक करने यानि की चलने में सक्षम हैं। फिलहाल कंपनी ने इस कार के कॉन्सेप्ट वर्जन को ही पेश किया है। इसके प्रोडक्शन वर्जन के लिए आपको और भी इंतजार करना होगा। लेकिन हुंडई की इस अनोखी कार ने आयोजन में मौजूद सभी लोगों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया है। इस कार का नाम हुंडई एलिवेट ‘Elevate’ है। कंपनी ने इस कार को मुख्य रूप से आपदा प्रबंधन के दौरान प्रयोग करने के लिए बनाया है। आपको बता दें कि ये दुनिया की पहली ऐसी कार है जिसमें पैरों का प्रयोग किया गया है।

हुंडई क्रैडल के हेड जॉन सू ने इस कार के बारे में बताया कि, ये कॉन्सेपट आपदा प्रबंधन के लिए बहुत ही सहयोगी सिद्ध होगी। सामान्य तौर पर किसी भी आपदा जैसे कि सुनामी या भूकंप के दौरान अन्य वाहन उतनी सुगमता से चलने में सक्षम नहीं होते हैं। दुर्गम रास्तों पर चलने के लिए वो वाहन पुरी तरह से फिट नहीं होते हैं। जिसके कारण आपदा प्रबंधन टीम को अपने वाहन से उतरकर काफी दूरी तक पैदल चलना होता है। लेकिन ये कॉन्सेप्ट मौजूदा वाहनों से बिलकुल अलग है। ये किसी भी आपात स्थिति में भी आसानी से चल सकता है। इसमें इस्तेमाल किए गये पैर आसानी से दुर्गम रास्तों पर भी चलने में सक्षम हैं।

उन्होनें आगे बताते हुए कहा कि, ये कॉन्सेप्ट आपात​ स्थिति में मदद के लिए तैयार की गई है और ये ऐसी स्थिति में बेहद ही शानदार तरीके से काम करेगी। आपदा प्रबंधन टीम को मौके पर आसानी से पहुंचाने का कार्य इस कार से किया जा सकेगा। जो कि पहाड़ी, कंक्रीट, टूटी सड़कों इत्यादि पर आसानी से चलने में सक्षम है। ये कार अपने अगले दरवाजों के माध्यम से आसानी से वॉक करने यानि कि चलने में सक्षम है।

बता दें कि हुंडई एलिवेट एक ईवी आधारित वाहन है और इसे कंपनी ने इस प्रकार से तैयार किया है कि ये स्थिति के अनुसार खुद में जरूरी बदलाव कर सकती है। इसमें जो रोबोटिक पैर लगाये गये हैं वो बड़े ही आसानी से 5 डीग्री तक घुम सकते हैं। इसके अलावा ये एक स्तनधारी और सरीसृप दोनों के तरह व्यवहार करने में सक्षम भी है। इसका ये खास गुण इसे आपात स्थिति में किसी भी रास्ते पर आसानी से चलने योग्य बनाता है।

इसके अलावा इसके पैर को नीचे की तरफ आसानी से मोड़ा जा सकता है जिससे ये एक सामान्य कार की तरह भी आसानी से ड्राइव की जा सकती है। जब यह कार ड्राइविंग मोड में होती है तो पैरो को दिया जाने वाला पॉवर कट जाता है जिससे इसके बैटरी की क्षमता और भी बेहतर हो जाती है। इसके अलावा इसके पैर कार को तकरीबन 5 फुट की दीवार पर भी चढ़ने में सक्षम हैं।

हुंडई के डिजाइन मैनेजर डेविड बैरोन ने बताया कि “हुंडई की इस नवीनतम ईवी तकनीक के साथ रोबोटिक्स की शक्ति को मिलाकर, एलिवेट में उन लोगों तक पहुंचने की क्षमता है जहां आज तक कोई भी वाहन नहीं पहुंच सका है। इसके अलावा ये कार वाहनों की स्वतंत्रता की हमारी धारणा को फिर से परिभाषित करता है।” “कल्पना कीजिए कि एक कार बर्फ की खाई में फंसी है और वहीं उसके महज 10 फीट की ही दूरी पर एक कार चल रही हो जो कि इस आपात स्थिति में फंसे यात्रियों को आसानी से बचाने में सक्षम है। दरअसल सही मायनो में यही वाहनों की गतिशीलता का भविष्य है।”

हुंडई क्रैडल क्या है?
दरअसल, ‘क्रैडल’ हुंडई मोटर्स के कॉर्पोरेट वेंचर और ओपन इनोवेशन बिज़नेस का हिस्सा है, जो प्रमुख स्टार्टअप्स में भागीदारी और निवेश करता है। क्रैडल ऐसे स्टार्टअप्स की पहचान करता है जो कि नये अविष्कारों और तकनीकी पर काम करते हैं। इसके अलावा दुनिया के ऑटोमोबाइल बाजार में कुछ नया करने का मद्दा रखते हैं। ये क्रैडल ऐसे स्टॉर्टअप्स को खोज कर उनके साथ मिलकर काम करता है। ये नई हुंडई एलिवेट को भी क्रैडल ने ही तैयार किया है।

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हुंडई एलिवेट कॉन्सेप्ट पर ड्राइव​स्पार्क के विचार:
हुंडई एलिवेट एक बेहद ही शानदार कॉन्सेप्ट है और डिजास्टर मैनेजमेंट की दुनिया के लिए यह एक जरुरी बदलाव की तरह है। आज के समय में दुनिया भर में कई बार ऐसी आपत स्थिति बनती है। जब कभी भी प्राकृतिक या फिर जैविक आपदा के दौरान डिजास्टर मैनेजमेंट टीम को कई तरह के मुश्किलों से होकर गुजरना पड़ता है। ऐसे में रेसक्यू टीम के लिए सबसे बड़ी समस्या ये होती है कि वो असानी से दुर्गम रास्तों पर चलने में सक्षम नहीं होते हैं। इसके अलावा घायलों तक भी आसानी से नहीं पहुंचा जा सकता है। इस प्रक्रिया में ज्यादा से ज्यादा समय लगता है जिससे मौतों की संख्या बढ़ती जाती है। लेकिन ये कार ऐसी स्थिति में किसी जीवन रक्षक के तरह काम करती है और रेसक्यू टीम को मौके पर आसानी से पहुंचाने में पूरी मदद करती है।