रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को 6000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से भारतीय सेना के लिए 118 अर्जुन मार्क 1 ए टैंकों के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी।

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रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को 6,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से भारतीय सेना के लिए 118 अर्जुन एमके-1ए टैंकों को मिलने को मंजूरी दे दी है। 58 टन वजन वाला डीआरडीओ द्वारा विकसित किया गया टैंक अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के 30 महीने के भीतर डिलीवरी के लिए तैयार हो जाएगा। यह टैंक पूरी तरह से स्वदेशी है। इसके डिजाइन से लेकर विकास और मैन्युफैक्चरिंग तक का काम देश में ही किया गया है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने इसे विकसित किया है।

ज्ञात हो कि अर्जुन टैंक में 71 बड़े बदलाव के बाद एमके-1ए को तैयार किया गया है। यह किसी भी तेजी से लक्ष्य का पीछा कर हमला करने में सक्षम है। इसकी रात या दिन, हर वक्त, हर मौसम में अपने लक्ष्य पर अचूक लगाने की क्षमता है। इसमें लगे दमदार ट्रांसमिशन सिस्टम है इसे ज्यादा घातक बनाते हैं। युद्ध में ज्यादा से ज्यादा दूरी तक दुश्मन के सैन्य साजो-सामानों को ध्वस्त करने की क्षमता है। इस पर ग्रेनेड और मिसाइलों से हमले का कोई असर नहीं होगा। रासायनिक हमले से बचाने के लिए इसमें स्पेशल सेंसर लगाए गए हैं।

पिछले दिनों पीएम मोदी ने चेन्नई में सेना प्रमुख एमएन नरवाने को अर्जुन टैंक का मार्क-1ए वर्जन सौंपा था। पीएम मोदी ने कहा कि यह भारत की एकजुट भावना का प्रतीक भी है, क्योंकि दक्षिण भारत में निर्मित बख्तरबंद वाहन देश की उत्तरी सीमाओं की सुरक्षा करेंगे।